आधी रात सोनम वांगचुक से मिलने पहुंचे मोदी सरकार के 2 मंत्री! अनशन तोड़ने के बदले रखीं 3 बड़ी शर्तें, अब सरकार क्या करेगी?
25 दिन से भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक से देर रात चली लंबी बातचीत, CJP ने सरकार को दिया साफ संदेश—'बात करनी है तो जंतर-मंतर आइए'

नई दिल्ली: NEET पेपर लीक विवाद और छात्रों के आंदोलन के बीच केंद्र सरकार ने हालात संभालने के लिए बड़ा कदम उठाया है। मंगलवार देर रात केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल पहुंचे, जहां पिछले 25 दिनों से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक से करीब एक घंटे तक बातचीत हुई।
सूत्रों के मुताबिक मंत्रियों ने वांगचुक से अनशन समाप्त करने की अपील की और भरोसा दिलाया कि सरकार उनकी मांगों पर सकारात्मक तरीके से विचार करने को तैयार है। हालांकि, वांगचुक ने भी साफ कर दिया कि कुछ महत्वपूर्ण शर्तें पूरी होने के बाद ही वे अपना अनशन खत्म करेंगे।
अनशन खत्म करने के लिए रखीं तीन बड़ी शर्तें
जानकारी के अनुसार, सोनम वांगचुक ने सरकार के सामने तीन प्रमुख मांगें रखीं—
- आंदोलन में शामिल छात्रों और युवाओं के खिलाफ किसी भी तरह की कानूनी या प्रतिशोधात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी।
- पेपर लीक से प्रभावित होकर आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को उचित मुआवजा दिया जाए।
- शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही तय करने के लिए संसद में गंभीर चर्चा हो और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पर विचार किया जाए।
वांगचुक ने यह भी कहा कि ‘चलो संसद’ मार्च के दौरान पुलिस कार्रवाई के बावजूद प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा। उन्होंने बताया कि विभिन्न राजनीतिक दलों के लगभग 65 सांसदों ने उन्हें पत्र लिखकर अनशन समाप्त करने की अपील की है।
CJP ने सरकार के प्रस्ताव को ठुकराया
उधर, छात्र आंदोलन से जुड़ी कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने सरकार के बातचीत के तरीके पर नाराजगी जताई है। पार्टी के प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि वे दूसरी बार जेपी नड्डा के आवास नहीं जाएंगे।
उन्होंने कहा, “अगर सरकार वास्तव में बातचीत चाहती है तो उसे जंतर-मंतर आना होगा या किसी तटस्थ स्थान पर बैठक करनी होगी। पिछली बार हमें घंटों इंतजार कराया गया था।”
संसद में भी तेज हुआ सियासी घमासान
इस मुद्दे को लेकर संसद में विपक्ष लगातार सरकार पर हमलावर है। विपक्ष का कहना है कि किसी भी चर्चा से पहले केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना चाहिए। वहीं भाजपा मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जेपी नड्डा ने कहा कि मोदी सरकार संवेदनशील और जवाबदेह है तथा विपक्ष से इस मुद्दे पर राजनीति न करने की अपील की।
नड्डा ने राहुल गांधी पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे केवल राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि अन्य राज्यों में हुए पेपर लीक मामलों पर चुप्पी साधे हुए हैं।
मेदांता ने जारी किया हेल्थ बुलेटिन
मेदांता अस्पताल की ओर से जारी स्वास्थ्य बुलेटिन के अनुसार, सोनम वांगचुक का वजन 25 दिनों की भूख हड़ताल में लगभग 11 किलोग्राम घट चुका है। उन्हें आईसीयू में डॉक्टरों की बहु-विषयक टीम की निगरानी में रखा गया है और उनकी सेहत पर लगातार नजर रखी जा रही है।









