Lok Sabha: लोक परीक्षा संशोधन बिल पर हंगामा, छात्रों की कथित पिटाई पर चर्चा की मांग; स्पीकर बोले- ‘सभी पक्ष सहमति बनाएं’
लोक परीक्षा संशोधन बिल पर चर्चा शुरू होने से पहले विपक्ष ने छात्रों के खिलाफ कथित कार्रवाई का मुद्दा उठाया। हंगामे के बीच लोकसभा की कार्यवाही बार-बार स्थगित करनी पड़ी, जबकि सरकार और विपक्ष के बीच सहमति बनाने की कोशिशें तेज हो गई हैं।

Parliament News: संसद के मानसून सत्र के दौरान सोमवार को लोक परीक्षा संशोधन बिल पर लोकसभा में चर्चा शुरू नहीं हो सकी। विपक्षी सांसदों के हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही बार-बार स्थगित करनी पड़ी। विपक्ष ने छात्रों की कथित पिटाई और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई के मुद्दे पर तत्काल चर्चा की मांग करते हुए सदन के वेल में पहुंचकर नारेबाजी की।
लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने सरकार और विपक्ष दोनों से आपसी सहमति बनाकर सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से चलाने की अपील की।
2 बजे भी नहीं शुरू हो सकी बिल पर चर्चा
दोपहर 2 बजे जैसे ही लोकसभा की कार्यवाही दोबारा शुरू हुई, विपक्षी सांसद वेल में पहुंच गए और छात्रों की कथित पिटाई के मुद्दे पर बहस कराने की मांग करने लगे।
हंगामे के बीच स्पीकर ओम बिरला ने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि विपक्ष चर्चा नहीं करना चाहता। करीब पांच मिनट तक लगातार नारेबाजी होने के बाद उन्होंने कहा कि वे शाम 5 बजे तक का समय दे रहे हैं, ताकि सरकार और विपक्ष आपसी सहमति बनाकर सदन की कार्यवाही आगे बढ़ा सकें।
इससे पहले भी सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे और फिर 2 बजे तक स्थगित की जा चुकी थी।
राज्यसभा में भी रहा गतिरोध
लोकसभा के साथ-साथ राज्यसभा में भी विपक्ष के विरोध के कारण हंगामे की स्थिति बनी रही। लगातार व्यवधान के चलते उच्च सदन की कार्यवाही भी दो बार स्थगित करनी पड़ी।
जितेंद्र सिंह ने पेश किया लोक परीक्षा संशोधन बिल
इससे पहले सुबह 11 बजे केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने लोकसभा में लोक परीक्षा संशोधन बिल पेश किया। यह विधेयक सार्वजनिक परीक्षाओं में पेपर लीक और अन्य अनियमितताओं पर सख्ती लाने के उद्देश्य से लाया गया है और इसे छात्रों के हित से जुड़ा महत्वपूर्ण बिल माना जा रहा है।
संसद पहुंचे धर्मेंद्र प्रधान, NDA सांसदों ने किया स्वागत
पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफे के बाद सोमवार को पहली बार संसद पहुंचे। इस दौरान NDA सांसदों ने उन्हें शॉल और मिथिला पाग पहनाकर सम्मानित किया और संसद भवन के भीतर तक उनके साथ गए।
इस मौके पर सांसदों ने ‘धर्मेंद्र प्रधान जिंदाबाद’ के नारे भी लगाए। गौरतलब है कि उन्होंने 25 जुलाई को NEET पेपर लीक विवाद के बीच शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा दिया था।
गतिरोध खत्म करने की कोशिशें तेज
संसद में जारी गतिरोध समाप्त कराने के लिए सरकार की ओर से प्रयास भी तेज कर दिए गए हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, लोकसभा स्पीकर ओम बिरला और संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष के प्रमुख नेताओं से मुलाकात की।
बताया जा रहा है कि इस बैठक में अखिलेश यादव और केसी वेणुगोपाल समेत कई विपक्षी नेताओं ने हिस्सा लिया।
मंगलवार को होगी NDA संसदीय दल की बैठक
संसद में जारी गतिरोध और NEET पेपर लीक मुद्दे पर आगे की रणनीति तय करने के लिए NDA संसदीय दल की साप्ताहिक ‘मंगल मिलन’ बैठक मंगलवार सुबह 9:30 बजे संसद भवन परिसर स्थित जीएमसी बालयोगी ऑडिटोरियम में आयोजित होगी।
बैठक में विपक्ष के विरोध और संसद की आगे की रणनीति पर चर्चा होने की संभावना है।
किरेन रिजिजू की कांग्रेस से अपील
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कांग्रेस से अपने सांसदों को समझाने की अपील करते हुए कहा कि लोक परीक्षा संशोधन बिल देश के युवाओं और परीक्षा व्यवस्था से जुड़ा अत्यंत महत्वपूर्ण विधेयक है। उन्होंने कहा कि विपक्ष को सदन में चर्चा होने देनी चाहिए, ताकि बिल पर सार्थक बहस हो सके।
फिलहाल क्या है स्थिति?
फिलहाल लोकसभा में लोक परीक्षा संशोधन बिल पर चर्चा विपक्ष के हंगामे के कारण शुरू नहीं हो सकी है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि सरकार और विपक्ष के बीच सहमति बनती है या नहीं और क्या शाम तक संसद का गतिरोध समाप्त हो पाता है।












