NEET UG 2026: मेडिकल सीटों पर आया बड़ा अपडेट! अब 1.40 लाख से ज्यादा MBBS सीटें, काउंसलिंग से पहले जान लें नया आंकड़ा
NMC ने जारी किया संशोधित सीट मैट्रिक्स, सरकारी और प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों में हजारों सीटें बढ़ीं; चॉइस फिलिंग से पहले उम्मीदवारों के लिए जानना बेहद जरूरी

नई दिल्ली। NEET UG 2026 के उम्मीदवारों के लिए मेडिकल एडमिशन से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) ने 2026-27 शैक्षणिक सत्र के लिए MBBS सीट मैट्रिक्स में संशोधन किया है। नए अपडेट के बाद देशभर में MBBS की कुल सीटों की संख्या बढ़कर 1,40,214 हो गई है। इसमें Institutes of National Importance की सीटें शामिल नहीं हैं।
इस बदलाव से मेडिकल कॉलेज में दाखिले की तैयारी कर रहे हजारों उम्मीदवारों के लिए सीटों के विकल्प बढ़ गए हैं। खास बात यह है कि जुलाई में जारी सीट मैट्रिक्स की तुलना में अब सीटों की संख्या में बड़ा इजाफा हुआ है।
जुलाई के मुकाबले कितनी बढ़ीं सीटें?
जुलाई 2026 में जारी सीट मैट्रिक्स के अनुसार देशभर में कुल 1,36,939 MBBS सीटें थीं। संशोधित आंकड़ों के बाद यह संख्या बढ़कर 1,40,214 हो गई है।
NMC के अनुसार सीटों में बदलाव नए मेडिकल कॉलेजों को मंजूरी मिलने और पहले से संचालित मेडिकल कॉलेजों में MBBS सीटें बढ़ाए जाने के कारण हुआ है।
संशोधित सीट मैट्रिक्स को मेडिकल एसेसमेंट एंड रेटिंग बोर्ड, NMC की पहली अपील समिति और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की दूसरी समिति के फैसलों के आधार पर तैयार किया गया है।
सरकारी कॉलेजों में 63,971 सीटें
संशोधित आंकड़ों के अनुसार देश के 445 सरकारी मेडिकल कॉलेजों में MBBS की 63,971 सीटें उपलब्ध हैं। जुलाई के आंकड़ों के मुकाबले सरकारी मेडिकल कॉलेजों में 2,786 सीटों की बढ़ोतरी हुई है।
वहीं, देश के 391 प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों में 76,243 MBBS सीटें हो गई हैं। प्राइवेट कॉलेजों में जुलाई के मुकाबले 10,400 सीटें बढ़ी हैं।
इस साल नए मेडिकल कॉलेजों की मंजूरी के बाद देश में मेडिकल कॉलेजों की कुल संख्या बढ़कर 836 हो गई है। इस वर्ष 38 नए मेडिकल कॉलेजों को मंजूरी दी गई है।
कर्नाटक में सबसे ज्यादा MBBS सीटें
सितंबर 2026 के संशोधित आंकड़ों में कई राज्यों में MBBS सीटों की संख्या काफी ज्यादा है।
- कर्नाटक: 15,745 सीटें
- उत्तर प्रदेश: 14,400 सीटें
- तमिलनाडु: 14,299 सीटें
- महाराष्ट्र: 13,249 सीटें
- तेलंगाना: 10,450 सीटें
- राजस्थान: 8,280 सीटें
इन राज्यों में बड़ी संख्या में सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेज संचालित हैं, जिससे NEET UG उम्मीदवारों के लिए सीटों के विकल्प भी बढ़े हैं।
बिहार में भी बढ़ीं सरकारी MBBS सीटें
बिहार के मेडिकल एजुकेशन सेक्टर में भी बड़ा बदलाव हुआ है। राज्य में सरकारी मेडिकल कॉलेजों की संख्या बढ़कर 14 हो गई है।
दो नए सरकारी मेडिकल कॉलेजों को मंजूरी मिली है। इनमें श्री राम जानकी मेडिकल कॉलेज, समस्तीपुर और राजकीय मेडिकल कॉलेज, छपरा सारण शामिल हैं। दोनों कॉलेजों के लिए 50-50 MBBS सीटों की मंजूरी दी गई है।
बिहार में सरकारी MBBS सीटों की संख्या भी 1,520 से बढ़कर 1,810 हो गई है।
इन राज्यों में भी बढ़ीं सीटें
आंध्र प्रदेश में 19 सरकारी मेडिकल कॉलेजों में MBBS सीटों की संख्या 3,290 से बढ़कर 3,565 हो गई है। यानी यहां 275 सीटों का इजाफा हुआ है।
वहीं असम के 16 सरकारी मेडिकल कॉलेजों में MBBS सीटें 1,875 से बढ़कर 1,975 हो गई हैं। यहां भी 100 सीटें बढ़ाई गई हैं।
NEET UG काउंसलिंग में सीट मैट्रिक्स क्यों है जरूरी?
NMC का संशोधित सीट मैट्रिक्स NEET UG 2026 काउंसलिंग के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। उम्मीदवारों को कॉलेज की चॉइस फिलिंग करते समय नए सीट मैट्रिक्स को जरूर देखना होगा।
मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (MCC) और संबंधित राज्य काउंसलिंग समितियों को एडमिशन प्रक्रिया में NMC से स्वीकृत सीटों के आधार पर ही दाखिला देना होगा।
NMC ने स्पष्ट किया है कि किसी भी मेडिकल कॉलेज में स्वीकृत सीटों की संख्या से अधिक छात्रों को प्रवेश नहीं दिया जा सकता। निर्धारित संख्या से ज्यादा एडमिशन होने पर इसे NMC Act 2019 के प्रावधानों का उल्लंघन माना जाएगा।
काउंसलिंग से पहले उम्मीदवार रखें इस बात का ध्यान
MBBS सीटों में हुई बढ़ोतरी NEET UG 2026 उम्मीदवारों के लिए निश्चित तौर पर अहम है। हालांकि, कॉलेज की चॉइस भरते समय केवल सीटों की संख्या ही नहीं, बल्कि कॉलेज, कैटेगरी, राज्य कोटा, ऑल इंडिया कोटा और आधिकारिक काउंसलिंग सीट मैट्रिक्स को ध्यान से देखना जरूरी होगा।
यानी काउंसलिंग में चॉइस फिलिंग से पहले पुराना नहीं, बल्कि NMC का संशोधित सीट मैट्रिक्स ही देखें।












