ब्रेकिंग: झारखंड में भारी बारिश का अलर्ट! रांची में दो दिन स्कूल बंद, KG से 12वीं तक की कक्षाओं पर लगा ब्रेक
मौसम विभाग की चेतावनी के बाद जिला प्रशासन का बड़ा फैसला। 28 और 29 अक्टूबर को स्कूलों में नहीं होगी पढ़ाई, लेकिन शिक्षकों को आना होगा विद्यालय; परीक्षा को लेकर निजी स्कूलों को मिली छूट।

रांची। झारखंड में भारी बारिश की चेतावनी के बीच रांची जिला प्रशासन ने स्कूली बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बड़ा फैसला लिया है। भारत मौसम विज्ञान केंद्र, रांची के पूर्वानुमान के अनुसार जिले में तेज हवाओं के साथ मूसलाधार बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग ने रांची को ऑरेंज जोन में चिह्नित किया है।
इसी को देखते हुए आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 की धारा 34 के तहत जिले के सभी सरकारी, गैर-सरकारी सहायता प्राप्त और निजी विद्यालयों में KG से लेकर 12वीं कक्षा तक की पढ़ाई 28 और 29 अक्टूबर 2026 को स्थगित रखने का निर्णय लिया गया है।
इन स्कूलों पर लागू होगा आदेश
प्रशासन का यह निर्देश रांची जिले में संचालित सभी श्रेणी के सरकारी विद्यालयों, गैर-सरकारी सहायता प्राप्त विद्यालयों, अल्पसंख्यक विद्यालयों और निजी स्कूलों पर लागू होगा। इन दोनों दिनों में KG से 12वीं तक की कक्षाओं में पठन-पाठन नहीं होगा।
निजी स्कूलों में परीक्षा पर क्या होगा फैसला?
यदि किसी निजी विद्यालय में पहले से परीक्षा निर्धारित है, तो विद्यालय प्रबंधन अपने स्तर पर निर्णय ले सकता है। हालांकि, परीक्षा आयोजित करने से संबंधित निर्णय की सूचना जिला शिक्षा पदाधिकारी या जिला शिक्षा अधीक्षक कार्यालय को देना अनिवार्य होगा।
स्कूल बंद, लेकिन शिक्षकों को आना होगा
प्रशासन के आदेश के अनुसार, 28 और 29 अक्टूबर को विद्यार्थियों की कक्षाएं स्थगित रहेंगी, लेकिन सरकारी, सहायता प्राप्त और निजी विद्यालयों में कार्यरत शिक्षक-शिक्षिकाओं को विद्यालय में उपस्थित रहना होगा। इस दौरान उन्हें गैर-शैक्षणिक कार्यों का संपादन करना होगा।
इसके अलावा, रांची जिले के सभी सरकारी और गैर-सरकारी सहायता प्राप्त विद्यालयों में ई-विद्यावाहिनी पोर्टल पर शिक्षकों की उपस्थिति दर्ज की जाएगी।
अभिभावकों और विद्यार्थियों से सतर्क रहने की अपील
मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए प्रशासन ने विद्यालय प्रबंधन, शिक्षकों, अभिभावकों और छात्र-छात्राओं से सतर्कता बरतने तथा जारी निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
भारी बारिश और तेज हवाओं की आशंका के बीच बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए यह निर्णय लिया गया है।












