झारखंड में विद्यार्थियों के साथ अब शिक्षकों की भी लगेगी शैक्षणिक यात्रा! CM हेमंत सोरेन ने दी ‘उड़ान’ योजना को मंजूरी, जानिए किसे मिलेगा मौका

झारखंड में पांच साल के लिए प्रस्तावित ‘उड़ान’ योजना के तहत हर साल 1,680 विद्यार्थियों और 2,244 शिक्षकों को शैक्षणिक भ्रमण का अवसर देने का लक्ष्य है। योजना पर करीब 14.91 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। अब प्राधिकृत समिति और कैबिनेट की मंजूरी की प्रक्रिया बाकी है।

 

रांची। झारखंड के स्कूली विद्यार्थियों और शिक्षकों के लिए अच्छी खबर है। राज्य में अब विद्यार्थियों के साथ शिक्षकों को भी शैक्षणिक भ्रमण पर जाने का अवसर मिलेगा। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने विभागीय मंत्री के रूप में ‘उड़ान’ (Unified Development Through Academic Advancement and National Exposure) योजना को मंजूरी दे दी है। योजना को इसी वित्तीय वर्ष से शुरू करने की तैयारी है। हालांकि, इसे लागू करने से पहले प्राधिकृत समिति और कैबिनेट की स्वीकृति ली जानी है।

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पांच वर्षों के लिए तैयार इस योजना का उद्देश्य विद्यार्थियों को नए शैक्षणिक संस्थानों, वैज्ञानिक प्रगति और करियर के अवसरों से परिचित कराना है। वहीं, शिक्षकों को बेहतर शिक्षण पद्धतियों और शैक्षिक तकनीकों को करीब से समझने का मौका मिलेगा।

हर साल 1,680 विद्यार्थी और 2,244 शिक्षक होंगे लाभान्वित

प्रस्तावित योजना के तहत हर साल विद्यार्थियों और शिक्षकों को शैक्षणिक भ्रमण पर ले जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। पांच वर्षों में कुल 8,400 विद्यार्थियों और 11,220 शिक्षकों को इसका लाभ देने की योजना है।

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इस पूरी योजना पर करीब 14.91 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान लगाया गया है। चयन निर्धारित मानकों के आधार पर तकनीकी प्रक्रिया के जरिए किया जाएगा। भ्रमण से लौटने के बाद प्रतिभागी अपने अनुभव अन्य विद्यार्थियों और शिक्षकों के साथ साझा करेंगे, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों को इसका लाभ मिल सके।

कक्षा के हिसाब से तय होगा शैक्षणिक भ्रमण

‘उड़ान’ योजना में विद्यार्थियों की कक्षा के अनुसार भ्रमण का स्तर निर्धारित किया गया है।

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  • कक्षा 1 से 5: जिला स्तरीय शैक्षणिक भ्रमण
  • कक्षा 6 से 8: अंतर-जिला शैक्षणिक भ्रमण
  • कक्षा 9 से 12: अंतरराज्यीय शैक्षणिक भ्रमण
  • शिक्षक: अंतरराज्यीय शैक्षणिक भ्रमण

योजना के तहत सभी जिलों, जेंडर और विभिन्न श्रेणियों का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने का प्रावधान है। खास बात यह है कि इसमें कम से कम 50 प्रतिशत छात्राओं की भागीदारी अनिवार्य रखी गई है।

विद्यार्थियों और शिक्षकों का चयन किन आधारों पर होगा?

योजना में शामिल होने के लिए विद्यार्थियों और शिक्षकों का चयन निर्धारित मापदंडों के अनुसार किया जाएगा।

विद्यार्थियों के चयन के प्रमुख आधार:

  • स्कूल में उपस्थिति
  • रेगुलर असेसमेंट फॉर इंप्रूव्ड लर्निंग (RAIL) में सहभागिता
  • शैक्षणिक गतिविधियों में भागीदारी
  • अकादमिक प्रदर्शन

शिक्षकों के चयन के प्रमुख आधार:

  • उपस्थिति
  • टीचर नीड असेसमेंट में सहभागिता और प्रदर्शन
  • सतत व्यावसायिक विकास कार्यक्रम का सफल समापन
  • शैक्षणिक प्रदर्शन और शिक्षा संकेतकों में सुधार में योगदान

इन मानकों के आधार पर योग्य प्रतिभागियों का चयन किया जाएगा।

हर साल किस श्रेणी से कितने लोगों को मिलेगा मौका?

प्रस्तावित योजना में हर साल लाभार्थियों की श्रेणीवार संख्या इस प्रकार निर्धारित की गई है:

श्रेणी वार्षिक संख्या
कक्षा 1 से 5 के विद्यार्थी 960
कक्षा 6 से 8 के विद्यार्थी 360
कक्षा 9 से 12 के विद्यार्थी 360
शिक्षक 360
एस्कॉर्ट शिक्षक 168
समूह पर्यवेक्षक 36

शिक्षा, तकनीक और करियर के नए अवसरों से जुड़ेंगे विद्यार्थी

‘उड़ान’ योजना का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को कक्षा की पढ़ाई से आगे बढ़कर अलग-अलग शैक्षणिक संस्थानों, नवाचार और वैज्ञानिक प्रगति को समझने का अवसर देना है। इसके जरिए विद्यार्थियों में उच्च शिक्षा और करियर के विकल्पों के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा सार्वजनिक संस्थानों की कार्यप्रणाली को समझने पर जोर दिया जाएगा।

वहीं, शिक्षकों को उत्कृष्ट शिक्षण पद्धतियों, शैक्षिक तकनीक और विभिन्न संस्थागत मॉडलों का प्रत्यक्ष अनुभव मिलेगा। इससे उनके व्यावसायिक विकास और शिक्षण क्षमता को मजबूत करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

अब कैबिनेट की मंजूरी का इंतजार

मुख्यमंत्री से विभागीय स्तर पर मंजूरी मिलने के बाद अब योजना को प्राधिकृत समिति और कैबिनेट की स्वीकृति मिलना बाकी है। इसके बाद योजना को लागू करने की प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी।

यदि योजना प्रस्तावित रूप में लागू होती है, तो झारखंड के विद्यार्थियों के साथ शिक्षकों को भी नए शैक्षणिक माहौल और बेहतर शिक्षण मॉडलों को समझने का अवसर मिलेगा।

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