Yogi Adityanath News: गोरखपुर में ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्रा, योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष पर साधा निशाना
भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन और प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी के साथ पदयात्रा में शामिल हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ। बोले- लोकतंत्र जितना मजबूत होगा, भारत उतना ही आत्मनिर्भर और विकसित बनेगा।

गोरखपुर। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुधवार को गोरखपुर में आयोजित ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्रा में शामिल हुए। इस दौरान उनके साथ भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन और प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी भी मौजूद रहे। पदयात्रा के दौरान योगी आदित्यनाथ ने लोकतंत्र और संवैधानिक संस्थाओं की मजबूती का मुद्दा उठाते हुए विपक्षी दलों पर निशाना साधा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत का लोकतंत्र जितना सशक्त होगा, देश उतना ही आत्मनिर्भर और विकसित बनेगा। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था और संवैधानिक संस्थाओं की मजबूती देश की प्रगति के लिए जरूरी है।
नितिन नबीन और पंकज चौधरी के साथ पदयात्रा में हुए शामिल
योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भी इस पदयात्रा की जानकारी साझा की। उन्होंने लिखा कि दुनिया की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन और प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी के साथ एनडीए के सहयोगी दलों के सदस्यों ने गोरखपुर में आयोजित ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्रा में हिस्सा लिया।
इस आयोजन में भाजपा नेताओं और एनडीए के सहयोगियों की मौजूदगी के जरिए लोकतंत्र और संवैधानिक संस्थाओं से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया।
कांग्रेस और इंडी गठबंधन पर लगाए आरोप
पदयात्रा के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस, इंडी गठबंधन और समाजवादी पार्टी पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि इन दलों का उद्देश्य भारत के संविधान, लोकतंत्र और संवैधानिक संस्थाओं को कठघरे में खड़ा करना है।
योगी ने कहा कि जिन संवैधानिक संस्थाओं के आधार पर देश का लोकतंत्र टिका हुआ है, उन्हें कमजोर करने की कोशिशों को स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने कांग्रेस, इंडी गठबंधन और उनके सहयोगियों से देशवासियों से माफी मांगने की मांग भी की।
लोकतंत्र और संवैधानिक संस्थाओं की मजबूती पर दिया जोर
मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि लोकतंत्र की मजबूती ही भारत को आत्मनिर्भर और विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में आगे बढ़ाएगी। उन्होंने संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा बनाए रखने की बात कही और विपक्षी दलों के रवैये पर सवाल उठाए।
गोरखपुर में हुई इस पदयात्रा के जरिए भाजपा ने लोकतंत्र और संवैधानिक संस्थाओं से जुड़े मुद्दों को राजनीतिक चर्चा के केंद्र में रखा। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री के बयान के बाद कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और इंडी गठबंधन को लेकर सियासी बयानबाजी तेज होने की संभावना है।












