Jharkhand News: खेत में मिला जंगली हथिनी का शव, मौत की खबर के 8 घंटे बाद पहुंची वन विभाग की टीम, इलाके में मचा हड़कंप
पश्चिमी सिंहभूम के नोवामुंडी वन क्षेत्र के टांकुरा गांव के पास हुई घटना, ओडिशा वन विभाग की पांच सदस्यीय टीम ने भी मौके पर पहुंचकर की जांच; मौत की वजह अब तक साफ नहीं।

नोवामुंडी। झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले में एक जंगली हथिनी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। नोवामुंडी वन प्रक्षेत्र के अंतर्गत बड़ाजामदा सबविट स्थित टांकुरा गांव के पास मंगलवार देर रात हथिनी की मौत हो गई। बुधवार सुबह जंगल की ओर गए ग्रामीणों ने खेत में उसका शव पड़ा देखा। इसके बाद गांव में हड़कंप मच गया और ग्रामीणों ने तुरंत वन विभाग को इसकी सूचना दी।
हथिनी की मौत किन परिस्थितियों में हुई, फिलहाल इसका पता नहीं चल पाया है। घटना के बाद वन विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि ग्रामीणों के मुताबिक सूचना देने के करीब आठ घंटे बाद विभाग की टीम घटनास्थल पर पहुंची।
सूचना के करीब 8 घंटे बाद मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम
ग्रामीणों ने खेत में हथिनी का शव देखने के बाद वन विभाग को घटना की जानकारी दी थी। हालांकि, सूचना मिलने के बावजूद टीम को मौके तक पहुंचने में करीब आठ घंटे लग गए। इसके बाद वन विभाग की टीम जेसीबी मशीन लेकर घटनास्थल पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई शुरू की।
हथिनी का शव खेत में मिलने से आसपास के ग्रामीणों में चिंता का माहौल है। लोग यह जानना चाहते हैं कि आखिर जंगल से निकलकर गांव के पास पहुंची हथिनी की मौत कैसे हुई।
ओडिशा वन विभाग की टीम ने भी जुटाई जानकारी
घटना की सूचना मिलने के बाद ओडिशा के नालदा सेक्शन से वन विभाग की पांच सदस्यीय टीम बुधवार दोपहर करीब 12 बजे घटनास्थल पहुंची। टीम के सदस्यों ने ग्रामीणों से बातचीत कर घटना से जुड़ी जानकारी जुटाई। जांच के बाद टीम वापस लौट गई।
वहीं, नोवामुंडी वन विभाग की ओर से भी चार सदस्यीय टीम को मौके पर भेजा गया था। दोनों क्षेत्रों की टीमों की मौजूदगी में घटना से जुड़ी जानकारी जुटाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई।
हथिनी की मौत की वजह अब तक रहस्य
फिलहाल हथिनी की मौत का वास्तविक कारण सामने नहीं आया है। यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि उसकी मौत बीमारी, किसी हादसे या किसी अन्य वजह से हुई। मौत के कारणों का पता जांच और आवश्यक प्रक्रियाओं के बाद ही चल सकेगा।
इस घटना ने वन्यजीवों की सुरक्षा और वन विभाग की निगरानी व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा दी है। अब सबकी नजर जांच पर है कि हथिनी की मौत के पीछे की असली वजह क्या निकलकर सामने आती है।












