ट्रेन ब्लास्ट मामले में ISIS के 8 आतंकी दोषी करार : 7 को फांसी और 1 को मिली उम्र कैद

RAIL NEWS : ट्रेन ब्लास्ट मामले में आतंकियों की सुनवाई पूरी हो गई। भोपाल-उज्जैन पैसेंजर ट्रेन ब्लास्ट मामले में प्रतिबंधित संगठन आईएसआईएस के खुरासान माड्यूल से जुड़े सात आतंकियों को एनआइए-एटीएस की विशेष अदालत ने फांसी और एक आतंकी को उम्रकैद की सजा सुनाई है. कोर्ट ने मृत्यु दंड की सजा पाने वाले आतंकियों के अपराध को विरल से विरलतम करार दिया है. आतंकी 30 दिनों के भीतर निर्णय के खिलाफ अपील कर सकते हैं.

इन आरोपी को सुनाई गई सजा

विशेष न्यायाधीश विवेकानंद शरण पांडेय की कोर्ट ने भोपाल-उज्जैन पैसेंजर ट्रेन ब्लास्ट मामले में मंगलवार देर शाम आतंकी मोहम्मद फैसल, गौस मुहम्मद खान, मो. अजहर, आतिफ मुज्जफर, मो. दानिश, सैयद मीर हुसैन और आसिफ इकबाल उर्फ रॉकी को मृत्यु दंड और मो. आतिफ उर्फ आतिफ ईरानी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई. कोर्ट ने सभी दोषियों पर अलग-अलग अर्थदंड भी लगाया है.

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इन मामलों में दोषी करार

विशेष कोर्ट ने दाखिल चार्जशीट, प्रस्तुत साक्ष्य व गवाहों के बयान के आधार पर दोषियों को देश के खिलाफ युद्ध करने, आतंकी गतिविधियों के लिए धन एकत्रित करने के मामले में ये सजा सुनाई है. इसके अलावा विस्फोटक और हथियार एकत्र कर देश के खिलाफ युद्ध की तैयारी करने, जाकिर नाइक का वीडियो दिखा कर नौजवानों को जेहाद के लिए प्रशिक्षण देने के साथ ही प्रतिबंधित हथियार एके 47 और कारतूस रखने का दोषी मानते हुए भी सजा का ऐलान किया गया है.

ये देश विरोधी गतिविधियों को दे रहे थे अंजाम

एटीएस के डिप्टी एसपी मनीष चंद्र सोनकर ने आठ मार्च, 2017 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी. इसमें बताया गया कि आईएसआईएस लगातार इंटरनेट पर आतंकवादी घटनाओं का वीडियो अपलोड कर मुस्लिम नौजवानों को अपने संगठन से जोड़ने और देश विरोधी गतिविधियों को अंजाम देने की कोशिश में जुटा है. इससे प्रभावित होकर मो. फैसल, दानिश अख्तर, आतिफ मुजफ्फर, सैफुल्ला व अजहर ने सात मार्च, 2017 को मध्य प्रदेश के शाजापुर में पैसेंजर ट्रेन में धमाके की साजिश रची थी.

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कानपुर में गिरफ्तारी के बाद मिली जानकारी

इसके बाद सुराग मिलने पर पुलिस ने फैसल को कानपुर से गिरफ्तार कर मोबाइल व नकदी बरामद की थी. उसने बताया कि वारदात में शामिल आतिफ मुजफ्फर, दानिश अख्तर और सैफुल्ला उसी के मुहल्ले के हैं. जबकि गौस मुहम्मद का घर पर आना जाना रहता था.

मुठभेड़ में पकड़े गए सभी आतंकी

पुलिस ने इन सभी आतंकियों को मुठभेड़ में गिरफ्तार किया था. जबकि काकोरी में हुई मुठभेड़ में सैफुल्ला मारा गया था. अन्य आरोपियों के पास से भारी मात्रा में गोला बारूद व हथियार बरामद हुए थे. इसके बाद मामले की विवेचना एनआईए ने करते हुए बाकी आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दायर की.

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कोर्ट में फांसी तक पहुंचा मामला, पूरा घटनाक्रम

7 मार्च 2017 को मध्य प्रदेश के जबदी रेलवे स्टेशन पर भोपाल उज्जैन पैसेंजर में बम विस्फोट की घटना.

7 मार्च 2017 की देर रात में ठाकुरगंज में आइएसआइएस आतंकी सैफुउल्लाह मुठभेड़ में मारा गया.

8 मार्च 2017 को एटीएस ने सबसे पहले मोहम्मद फैजल को पकड़ा. लखनऊ के एटीएस थाने में एफआइआर दर्ज कराई गई.

9 मार्च 2017 को एयरफोर्स से रिटायर्ड गौस मोहम्मद खान और अजहर खान को एटीएस ने गिरफ्तार किया.

10 से 12 मार्च 2017 के बीच अन्य आतंकी भी गिरफ्तार किए गए.

14 मार्च 2017 को एनआईए ने इस मामले में फिर से एफआईआर दर्ज की.

31 अगस्त 2017 को एनआईए ने मुठभेड़ में मारे गए सैफुल्लाह समेत नौ के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की.

24 फरवरी को 2023 को एनआईए कोर्ट ने आठ आतंकियों को दोषी करार दिया.

27 फरवरी 2023 को आतंकियों को कोर्ट में सजा सुनाने के लिए लाया गया. न्यायालय ने 28 फरवरी की तारीख दी.

28 फरवरी को सभी आठ आतंकियों को सजा सुनाई गई. सात को मृत्युदंड और एक को उम्रकैद की सजा का ऐलान किया गया.

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