IAS रेप केस में फंसे: महिला वकील से रेप मामले में IAS पर मामला दर्ज करने का आदेश, पूर्व विधायक पर भी होगा मामला दर्ज

पटना। IAS संजीव हंस की मुश्किलें बढ़ गयी है। महिला वकील से रेप मामले में IAS के खिलाफ FIR दर्ज होने वाली है। IAS हंस के अलावे राजद के पूर्व MLA गुलाब यादव पर अब FIR दर्ज होगी। इसके लिए दानापुर की कोर्ट ने आदेश जारी कर दिया है। पीड़ित महिला वकील के अनुसार इस मामले में शुक्रवार को दानापुर के ACJM कोर्ट में सुनवाई हुई थी। जिसके बाद शनिवार को कोर्ट की तरफ से लिखित में आदेश जारी हुआ है। पुलिस जांच में ये बात सामने आई है कि IAS संजीव हंस औऱ गुलाब यादव पीड़ित महिला के साथ दिल्ली के एक होटल में वारदात के समय मौजूद थे।

जानकारी के मुताबिक कोर्ट ने इस मामले में IAS और पूर्व विधायक के खिलाफ पटना के रुपसपुर थाना में FIR दर्ज कर जांच करने का आदेश दिया है। जानकारी के मुताबिक सोमवार को इस मामले में कोर्ट के आदेश की कॉपी मिलते ही पुलिस FIR दर्ज कर लेगी। पीड़ित महिला वकील के मुताबिक दानापुर के ACJM कोर्ट ने यह आदेश पटना हाईकोर्ट की तरफ से पहले से दिए गए निर्देशों के तहत जारी किया है।

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आपको बता दें कि एक साल पहले इस मामले में पीड़ित महिला वकील ने पटना पुलिस से मिलकर FIR दर्ज कराने की कोशिश की थी। लेकिन, पुलिस ने उनके केस दर्ज नहीं किया था। जिसके बाद उन्होंने दोनों के खिलाफ दानापुर कोर्ट में कंप्लेन किया था। मगर, वहां से उनकी याचिका को खारिज कर दिया गया। इसके बाद ही महिला वकील पटना हाईकोर्ट की शरण में गईं। पीड़िता के अनुसार तब इस मामले में पटना हाईकोर्ट ने माना था कि दानापुर कोर्ट ने सही तरीके से जांच कराए बिना केस को खारिज कर दिया। जो सही नहीं था। फिर इसके बाद पुलिस को जांच करने का आदेश जारी हुआ। जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई आगे बढ़ी और अब केस दर्ज करने का आदेश जारी हो गया है।

IAS संजीव हंस इस मामले में फंसे

महिला वकील अपने बेटे की पहचान के लिए एक कानूनी लड़ाई लड़ रही हैं। उनका आरोप है कि 6 साल पहले झंझारपुर से राजद के पूर्व MLA गुलाब यादव ने राज्य महिला आयोग में सदस्य बनाने के नाम पर पहली बार गन प्वाइंट पर उनका रेप किया था। वो भी अपने घर पर। उसी वक्त वो केस करने जा रही थीं, गुलाब यादव ने शादी का झांसा देकर केस करने से रोक लिया था। इसके बाद भी वो महिला वकील का शोषण किया।

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महिला वकील का आरोप है कि इसके बाद गुलाब यादव ने उन्हें पुणे बुलाया था। खाने-पीने की चीजों में नशीला पदार्थ मिलाकर दूसरी बार में गुलाब यादव के साथ IAS संजीव हंस ने मिलकर उनका गैंगरेप किया था। इसके बाद भी लगातार शोषण किया। ये लोग न्यूड फोटो अपने पास होने की बात कहने लगे। फोटो को वायरल करने की धमकी देने लगे। उसी दरम्यान महिला वकील प्रेग्नेंट हुई थी। इनका दावा है कि पहले बच्चे का अबॉर्शन भी ये लोग करवा चुके हैं।

महिला के मुताबिक अब दूसरा बेटा है। इसके अबॉर्शन के लिए भी पहले बहुत प्रेशर बनाया गया था। सीनियर IAS संजीव हंस का DNA टेस्ट होगा। हाई कोर्ट ने इसकी मंजूरी दे दी है। IAS और राजद के पूर्व विधायक गुलाब यादव के खिलाफ गायत्री यादव ने पटना हाई कोर्ट में अपील की थी। महिला का दावा है कि सीनियर IAS संजीव हंस उसके बेटे का पिता हैं। इसका सबूत भी उनके पास है जिसमें IAS संजीव हंस ने स्वीकारा है कि बच्चा उसी का है। इस कॉल रिकॉर्डिंग को वे कोर्ट में पेश करेंगी।

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पटना पुलिस को हाईकोर्ट ने माना दोषी

पटना हाईकोर्ट ने रेप पीड़िता की शिकायत पर अपने आदेश में स्पष्ट कथन किया है कि पटना पुलिस को इस मामले की प्राथमिक जांच रिपोर्ट दानापुर ACJM कोर्ट में पेश करनी है. हाईकोर्ट ने पटना पुलिस को FIR दर्ज ना करने और फिर ACJM कोर्ट में रिपोर्ट मांगने पर रिपोर्ट ना दाखिल करने का दोषी पाया है. हाईकोर्ट ने अपने आदेश में साफ किया है कि पटना पुलिस को इस मामले की जांच रिपोर्ट देनी होगी.
बता दें कि इससे पहले ACJM कोर्ट ने रेप पीड़िता की याचिका इस आधार पर खारिज कर दी थी कि रेप पीड़िता निश्चित तिथियों पर कोर्ट नहीं आती थी. जब ACJM कोर्ट के आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई तो हाईकोर्ट ने मामले की फिर से सुनवाई करने का आदेश दिया साथ ही ACJM कोर्ट के खिलाफ कई टिप्पणी की थी. दरअसल, मामला हाईप्रोफाइल होने के कारण पुलिस द्वारा ACJM कोर्ट में रिपोर्ट नहीं दाखिल की जा रही थी और समय के साथ रेप पीड़िता ने कोर्ट जाना बंद कर दिया और उसकी इसी खामियों को आधार बनाकर ACJM कोर्ट ने उसकी य़ाचिका खारिज कर दी थी.

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