झारखंड: गरमी से मौत का सिलसिला शुरू, इन दो जिलों में सैंकड़ों मरे, मचा हड़कंप, ग्रामीणों ने दी प्रशासन की सूचना

पलामू/हजारीबाग। गरमी कहर ढा रही है। पारा झारखंड के कई जिलों में 45 डिग्री पहुंच चुका है। गरमी के इस त्राहिमाम का असर इंसानों में तो छोड़िये पशु पक्षियों में भी दिख रहा है। गढ़वा में सैकड़ों चमगादड़ों की मौत हो गई है. इससे पूरे इलाके में हड़कंप मचा हुआ है. आशंका जताई जा रही है कि भीषण गर्मी की वजह से सभी चमगादड़ों की मौत हुई है. अधिकारी घटना की जांच कर रहे हैं.

दरअसल, गढ़वा के कांडी प्रखंड के सुरीपुर और कासंप गांव के इलाके में मंगलवार रात और बुधवार सुबह सैकड़ों चमगादड़ों की मौत हो गई. प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंच जांच में जुट गए हैं. आशंका जताई जा रही है कि चमगादड़ों की मौत गर्मी की वजह से हुई है. मंगलवार को पलामू प्रमंडल में रिकॉर्ड तापमान के आंकड़े दर्ज किए गए

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आशंका जताई जा रही है कि चमगादड़ों की मौत गर्मी की वजह से हुई है. ग्रामीणों के मुताबिक, दोनों गांवों में चमगादड़ पेड़ पर रहते थे. सभी पेड़ सोन नदी के तटीय इलाके में हैं. बुधवार को जब स्थानीय ग्रामीण इलाके में गए तो देखा कि कुछ चमगादड़ मर चुके थे और वे पेड़ से नीचे गिरे हुए थे. कुछ देर बाद अचानक पेड़ से चमगादड़ों के शव नीचे गिरने लगे. चमगादड़ों की मौत के बाद ग्रामीण दहशत में हैं.

वहीं हजारीबाग से भी ऐसी ही खबर आ रही है। पदमा राज के समय से ही ये चमगादड़ यहां अपना आशियाना बनाए हुए हैं. सरैया पाठक टोला में बीते 24 घंटे में सैकड़ों चमगादड़ की मौत हो गई है. बादुरों (चमगाड़ों) की मरने की खबर फैलते हीं पाठक टोला में सैकड़ों लोग पहुंच गए.

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पदमा प्रखंड के सरैया चट्टी पाठक टोला में पीपल, बरागद, इमली, सेमल,आम के पेड़ों पर 100 वर्षो से अधिक समय से अपने प्राकृतिक आवास में रह रहे हैं. पहली बार ऐसा हो रहा है, जब मौत का सिलसिला इस तरह से देखने को मिल रहा है। हालांकि ये बात भी सहीहै कि पहली बार नौतपा में इस तरह की गरमी भी पड़ रही है।

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