पीठासीन पदाधिकारी व तीनों पोलिंग अफसर सस्पेंड, पोलिंग बूथ में की थी ये गंभीर चूक, निर्वाचन पदाधिकारी ने दिये FIR के निर्देश

Loksabha Election 2024। चुनाव ड्यूटी काफी जिम्मेदारी का काम है, इसमें थोड़ी सी भी लापरवाही भारी पड़ सकती है। ऐसी ही एक लापरवाही पीठासीन पदाधिकारी के साथ तीनों पोलिंग आफिसर को सस्पेंड कर दिया है। वहीं पोलिंग बूथ में तैनात जवान को लाइन हाजिर कर दिया गया है। दरअसल जिपं सदस्य मेहर ने 7 मई को बैरसिया तहसील के मतदान केंद्र – 71 (खितवास) में नाबालिग बेटे से वोट डलवाया था। इसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर पोस्ट किया था। बाद में डिलीट भी कर दिया था। पीठासीन अधिकारी की ये जिम्मेदारी थी, वो ऐसा करे से जिपं सदस्य को रोकते, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। जिसके बाद अब चुनाव आयोग की तरफ से ये कार्रवाई की गयी।
नाबालिग बेटे से वोट डलवाने वाले भोपाल जिला पंचायत सदस्य विनय मेहर पर FIR दर्ज की जा चुकी है। भोपाल कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने बूथ के पीठासीन अधिकारी संदीप सैनी, उनके सहायक सीआर बाथम, मनोज कुमार मौर्य और मदन गोपाल पटेल को सस्पेंड कर दिया था। बूथ पर तैनात प्रधान आरक्षक संतोष को लाइन अटैच किया गया है।
कांग्रेस विधायक पर भी एफआईआर हो चुकी
भोपाल मध्य से कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद के खिलाफ भी धारा 188 के तहत केस दर्ज हो चुका है। भोपाल कलेक्टर ने पीठासीन अधिकारी को भी सस्पेंड किया। 7 मई को विधायक मसूद उत्तर विधानसभा स्थित बूथ – 72 में परिवार के साथ वोट डालने पहुंचे थे। उनके साथ उनका नाबालिग बेटा भी था।
बेटे ने ही पोलिंग बूथ का वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया था। इसमें वह पिता के साथ बूथ के अंदर जाता दिख रहा है। इस मामले में संयुक्त संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष शमशुल हसन ने चुनाव आयोग से शिकायत की थी। बेटे से ही मतदान कराए जाने का भी शक जाहिर किया था।











