शिक्षकों के वेतन-पेंशन को लेकर हाईकोर्ट का कड़ा निर्देश, राज्य सरकार को दिया बड़ा झटका, जानिये क्या मिली राहत

Teacher news: हाईकोर्ट ने राज्य के यूनिवर्सिटी शिक्षकों एवं कर्मचारियों को बड़ी राहत दी है। चार माह से वेतन और पेंशन भुगतान नहीं होने से शिक्षक, कर्मचारी व पेंशनधारियों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही थी। कोर्ट ने तत्काल वेतन और पेंशन भुगतान का आदेश दिया है। अगर ऐसा नहीं किया जाता है, तो अधिकारियों के वेतन पर भी रोक लगायी जायेगी।
दरअसल शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव के के पाठक के बुलाई गई बैठकों में विश्वविद्यालय पदाधिकारियों के शामिल नहीं होने का खामियाजा विश्वविद्यालय में कार्यरत हजारों शिक्षक और शिक्षकेत्तर कर्मी भुगत रहे थे। विश्वविद्यालय की स्वायत्तता और स्वाभिमान के नाम पर विश्वविद्यालय के कुलपति राजभवन की अनुमति नहीं मिलने पर शिक्षा विभाग की बैठक में शामिल नहीं हुए थे।
इस कारण शिक्षा विभाग ने विश्वविद्यालय में कार्यरत कर्मियों और शिक्षकों के वेतन और पेंशन पर फरवरी माह के बाद से ही रोक लगा दी थी। फरवरी महीने के बाद से विश्वविद्यालय के शिक्षकों और शिक्षकेत्तर कर्मियों को वेतन और पेंशन का भुगतान नहीं हुआ था, लेकिन कोर्ट के निर्देश के बाद अब वेतन की अड़चने खत्म हो जायेगी।
हाईकोर्ट ने वेतन और पेंशन की राशि तत्काल जारी करने का आदेश देकर शिक्षा विभाग के आला अफसरों को करारा झटका दिया है।दरअसल, अफसरों ने विश्वविद्यालयों के बजट (2024-25) की समीक्षा करने के नाम पर राशि रोक रखी है। 29 मई तक प्रत्येक विश्वविद्यालय के बजट की समीक्षा किया जाना है। ऐसे में वेतन और पेंशन के लिए शिक्षकों और कर्मचारियों को और लंबा इंतजार करना पड़ता। विभाग की इस मंशा को पटना हाईकोर्ट ने बखूबी समझा और विश्वविद्यालयों को तत्काल राशि जारी करने को कहा। साथ ही हाईकोर्ट ने शिक्षा विभाग के अफसरों को आगाह किया कि यदि राशि जारी नहीं किया तो अफसरों के वेतन पर तत्काल रोक लगायी जाएगी।











