IAS पूजा सिंघल की बहाली पर भाजपा क्यों हुई आक्रामक? कहीं दिल्ली चुनाव से तो जुड़ा नहीं है कनेक्शन?

Why did BJP become aggressive on the reinstatement of IAS Pooja Singhal? Is there any connection with Delhi elections?

IAS Puja Singhal: आईएएस पूजा सिंघल का सस्पेंशन खत्म किये जाने पर भाजपा ने सवाल उठाये हैं। भाजपा सांसद व पूर्व केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने झारखंड सरकार की नीति और नियत पर सवाल खड़ा किया है। रविशंकर प्रसाद ने प्रेस कांफ्रेंस कर कांग्रेस को भी इस मुद्दे पर आड़े हाथों लिया है।

 

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जानकार कहते हैं कि दिल्ली चुनाव में कांग्रेस को लपेटे में लेने के लिए भाजपा पूजा सिंघल के भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाया है। ताकि चुनाव में भ्रष्टाचार को मुद्दा बनाकर कांग्रेस को लपेटा जा सके। अपने प्रेस कांफ्रेंस में भी रविशंकर प्रसाद ने राहुल गांधी और कांग्रेस पर ही ज्यादा फोकस रखा, क्योंकि उन्हें पता है कि भ्रष्टाचार पर वार कर वो एक तीर से दो निशाना साध सकते हैं।

 

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रविशंकर प्रसाद ने कहा कि झारखंड में इंडिया गठबंधन की सरकार है। वे भ्रष्टाचार करते हैं। इसका एक उदाहरण सामने आया है। आप सभी को झारखंड की आईएएस अधिकारी पूजा सिंघल के बारे में पता होगा, जिन्हें गिरफ्तार किया गया था और उनके सीए से 16 करोड़ रुपये नकद जब्त किए गए थे।

 

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यह चर्चा का विषय बन गया था। 28 महीने जेल में रहने के बाद उन्हें जमानत मिली। दिसंबर में उन्हें जमानत मिली और जनवरी में उनका निलंबन खत्म कर दिया गया और उन्हें बहाल कर दिया गया। इसका क्या मतलब है? कांग्रेस पार्टी को इसका जवाब देना होगा। रविशंकर प्रसाद ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को घेरते हुए कहा, ‘झारखंड सरकार में कांग्रेस का अहम योगदान है।

 

ऐसे में यह सवाल उठता है कि भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरी पूजा सिंघल की बहाली पर कांग्रेस की क्या भूमिका है? राहुल गांधी जो हमेशा संविधान की दुहाई देते हैं, उन्हें जवाब देना चाहिए। यह भ्रष्टाचार का खुला समर्थन नहीं तो और क्या है?’ बता दें कि पूजा सिंघल को मई 2022 में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा गिरफ्तार किया गया था, जिसके बाद उन्हें निलंबित कर दिया गया था। मामला मनरेगा को लागू करने में कथित मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा है।

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