शर्मनाक: डायन बताकर एक ही परिवार के 4 लोगों को मल- मूत्र पिलाया, गर्म लोहे से दागा सब की हालत नाजुक….

दुमका में इंसानियत को शर्मसार कर देने का मामला सामने आया है। यहां डायन करार देकर एक परिवार की तीन महिलाओं सहित चार लोगों को भयावह तरीके से प्रताड़ित किये जाने की घटना दर्ज की गई है। जिले के सरैयाहाट प्रखंड अंतर्गत असवारी गांव के दबंगों ने इन चारों को जबरन मल-मूत्र पिलाया और उन्हें लोहे की गर्म छड़ों से दागा। यहां दबंगों का खौफ इस तरह है कि प्रताड़ित लोग पूरी रात घंटों तक दर्द से तड़पते रहे, लेकिन वे न तो पुलिस के पास जाने की हिम्मत जुटा पाये और न किसी को इस बारे में बता पाये।

छानबीन करते पुलिस

रविवार को किसी से घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस गांव पहुंची। इसके बाद चारों पीड़ितों को इलाज के लिए अस्पताल में दाखिल कराया गया। बताया गया कि शनिवार की रात ज्योतिन मुर्मू नामक व्यक्ति ने गांव के लोगों की बैठक बुलाई। इसमें श्रीलाल मुर्मू के घर की तीन महिलाओं को डायन करार दिया गया। कहा गया कि इनके जादू-टोने की वजह से गांव के पशु और बच्चे बीमार हो रहे हैं, इसके बाद करीब दर्जन भर लोग लाठी-डंडों और से लैस होकर उसके घर पर हमला कर दिया। परिवार की तीन महिलाओं सोनामनी टुडू, रसी मुर्मू, कोसा टुडू के साथ-साथ श्रीलाल मुर्मू की बुरी तरह पिटाई की गई। इसके बाद इन चारों को पकड़कर उनके मुंह में जबरन मल-मूत्र डाला गया। हमलावरों ने उन्हें गर्म छड़ों से दागा।

ये खबर भी पढ़ें…
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

पीड़ित महिला

चारों लोग चीखते-चिल्लाते रहे, लेकिन गांव का कोई भी व्यक्ति उन्हें बचाने नहीं आया। उन्होंने धमकी दी कि अगर पुलिस को जानकारी दी तो पूरे परिवार का कत्ल कर दिया जायेगा। रविवार सुबह एक बार फिर हमलावर आये और उनकी दोबारा पिटाई की। इस बीच रविवार को सरैयाहाट थाना प्रभारी विनय कुमार को घटना की जानकारी मिली तो पुलिस की टीम गांव भेजी गयी। चारों लोगों को पहले सरैयाहाट सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया। फिर इनकी गंभीर हालत को देखते हुए देवघर स्थित अस्पताल ले जाया गया। पुलिस के मुताबिक, हमलावरों की गिरफ्तारी के लिए छापमारी की जा रही है। HPBL भी ऐसी घटना की निंदा करता है। स्वस्थ समाज के लिए इसी घटनाएं काफी शर्मनाक है।

ये खबर भी पढ़ें…
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

Related Articles

close