शिक्षकों का गुस्सा भड़का: गैर शैक्षणिक कामों में शिक्षकों की लगी ड्यूटी….जोरदार विरोध की हुंकार

रांची: प्रारंभिक शिक्षक उत्क्रमित वेतनमान तथा सुनिश्चित वृत्ति उन्नयन योजना (एमएसीपी) लाभ के समर्थन में आंदोलन करेंगे। अखिल झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ की रविवार को हुई आनलाइन बैठक में इस संबंध में निर्णय लिया गया। बैठक में राज्य के प्रारंभिक शिक्षकों के गैर शैक्षणिक कार्यों में लगाए जाने का घोर निंदा की गई। शिक्षक आंदोलन के प्रथम चरण में आठ अक्टूबर को उपायुक्तों से मिलकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपेंगे।

आंदोलन के दूसरे चरण की घोषणा नौ अक्टूबर को की जाएगी। संघ के अनुसार, छठे वेतनमान में जनवरी 2006 से शिक्षकों के उत्क्रमित वेतनमान की विसंगतियों का समाधान नहीं किया गया है जबकि इस विषय के सदृश मामले में सचिवालय कर्मियों के उत्क्रमित वेतनमान की विसंगति को सरकार ने 2019 में ही समाधान कर दिया था। साथ ही शिक्षकों को (एमएसीपी) सुनिश्चित वृत्ति उन्नयन योजना से आच्छादित करने पर भी सरकार कोई पहल नहीं कर रही है। बैठक में संघ के प्रदेश अध्यक्ष बिजेंद्र चौबे, महासचिव राम मूर्ति ठाकुर, प्रवक्ता नसीम अहमद, धीरज कुमार, दीपक दत्ता आदि शामिल हुए।

ये खबर भी पढ़ें…
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

कल्याण विभाग में कार्य बंटवारे पर शिक्षकों को आपत्ति

कल्याण विभाग में कर्मियों के बीच कार्य के आवंटन में नियमों की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए सचिवालय सेवा संघ के पदाधिकारियों ने कल्याण सचिव से मिलकर अपनी शिकायत रखने का निर्णय लिया है। इस संदर्भ में बताया गया कि कल्याण विभाग द्वारा हाल में कर्मियों के बीच कार्य बंटावारे के क्रम में कुछ प्रशाखा पदाधिकारियों की रिपोर्टिंग प्रशाखा पदाधिकारी के पास ही हो गई है।

इस प्रकार प्रशाखा पदाधिकारी को अपनी संचिका दूसरे प्रशाखा पदाधिकारी के समक्ष उपस्थापित करनी होगी। ऐसे में सचिवालय सेवा संघ की ओर से बताया गया है कि आदेश जारी करनेवाले पदाधिकारी को सचिवालय अनुदेश का पूरा ज्ञान नहीं है अन्यथा ऐसे नियम विरुद्ध आदेश जारी नहीं होते। मामले में सचिवालय सेवा संघ का प्रतिनिधिमंडल मंगलवार को कल्याण आयुक्त से मिलकर पूरे मसले पर अपना पक्ष रखेगा और जारी आदेश को रद करने की मांग भी करेगा।

ये खबर भी पढ़ें…
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

Related Articles

close