झारखंड सरकार लेगी उधार: वित्त सचिव ने लिखा रिजर्व बैक को पत्र, 1000 करोड़ का मांगा कर्ज, जानिये किस पर खर्च करेगी सरकार

Jharkhand government will take loan: Finance Secretary wrote a letter to Reserve Bank, asked for a loan of 1000 crores, know what the government will spend on

रांची। झारखंड सरकार की आर्थिक स्थिति क्या कमजोर है? ये सवाल इसलिए उठा है क्योंकि राज्य सरकार ने 1000 करोड़ रुपये का कर्ज मांगा है। राज्य सरकार की ओर से वित्त विभाग के सचिव प्रशांत कुमार ने रिजर्व बैंक को पत्र लिखकर कर्ज की मांग की है। केंद्र सरकार ने राज्यों के लिए निर्धारित कर रखा है कि वे अपने ग्रास डोमेस्टिक प्रोडक्ट के हिसाब से 3.5 फीसदी तक कर्ज ले सकते हैं।

 

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इस प्रकार झारखंड 14 हजार करोड़ रुपये तक कर्ज ले सकता है। राज्य सरकार ने रिजर्व बैंक से एक हजार करोड़ रुपये का ऋण उपलब्ध कराने का आग्रह किया है। जानकारी के मुताबिक इस राशि का प्रयोग किसी योजना के लिए नहीं, बल्कि तात्कालिक आवश्यकताओं को पूरा करने में किया जाएगा।

 

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राज्य सरकार ने अपने पत्र में एक बार फिर ओपन मार्केट बारोइंग (खुले बाजार से कर्ज) का विकल्प चुनाव है। आपको बता दें कि झारखंड में वित्तीय वर्ष 2024-25 में 1.36 लाख करोड़ रुपये का बजट बनाया गया था और सरकार का अब तक दावा यही रहा है कि योजनाओं को पूरा करने के लिए कहीं से कोई ऋण नहीं लिया जाएगा। योजनाओं के लिए सरकार अपने संसाधनों से उपाय करने की बातें करती रही है।

 

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आपको बता दें कि राज्य सरकार का दावा हमेशा से रहा है कि प्रदेश में किसी भी तरह का आर्थिक संकट नहीं है। ऐसे में अगर कर्ज मांगा जा रहा है तो आखिरकार इसके पीछे की वजह क्या है? इस मुद्दे पर राजनीति भी गरमा सकती है। मौजूदा बजट सत्र के दौरान विपक्ष इस मुद्दे पर सरकार को घेर सकता है। हालांकि एक बात ये भी जरूरी गौर करने वाली है कि राज्य सरकार ने जब महतारी वंदन योजना जैसी योजनाओं को लांच किया है, तब से राज्य के खजाने पर अचानक से बोझ आ गया है।

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