झारखंड बड़ा फैसला: रात 11 बजे तक खुले रहेंगे बैंक, वित्त विभाग ने जारी किया आदेश, रात 10 बजे तक … पढ़िये आदेश

Jharkhand's big decision: Banks will remain open till 11 pm, Finance Department issued order, till 10 pm... read the order

रांची। हेमंत सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। वित्तीय वर्ष 2024-25 के अंतिम कार्यदिवस को लेकर वित्त विभाग ने ये फैसला लिया है, जिसके तहत 31 मार्च के बजाय 29 मार्च को ही वित्तीय वर्ष का अंतिम दिन माना जाएगा, क्योंकि 30 मार्च से 1 अप्रैल तक लगातार छुट्टियां रहेंगी। इसे लेकर वित्त विभाग ने सभी कोषागार और बैंकों को निर्देश जारी कर दिया है।

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जारी निर्देश के मुताबिक विशेष व्यवस्था के तहत खोलने के निर्देश दिए हैं ताकि वित्तीय वर्ष के समापन पर होने वाली वित्तीय गतिविधियों में किसी प्रकार की रुकावट न आए।रिज़र्व बैंक के निर्देशानुसार, 29 मार्च को सभी कोषागार, उपकोषागार एवं संबंधित बैंकों की शाखाएं देर रात तक खुली रहेंगी।

 

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सरकारी आदेश के तहत, 29 मार्च को कोषागारों में अपराह्न 3 बजे तक विपत्र प्राप्त किए जाएंगे, जिनका भुगतान रात 10 बजे तक किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, बैंकों और कोषागारों के कामकाज को रात 11 बजे तक जारी रखने की अनुमति दी गई है, ताकि वित्तीय वर्ष की समाप्ति से पहले सभी आवश्यक लेन-देन पूरे किए जा सकें।

 

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लगातार छुट्टियों के कारण बदला गया कार्यक्रम 

30 मार्च को रविवार, 31 मार्च को ईद और 1 अप्रैल को सरहुल पर्व होने के कारण सरकारी अवकाश रहेगा। इन लगातार तीन दिनों की छुट्टियों को ध्यान में रखते हुए, सरकार ने 29 मार्च को ही वित्तीय वर्ष का अंतिम कार्यदिवस घोषित किया है। यह निर्णय सरकारी वित्तीय लेन-देन में किसी भी प्रकार की बाधा को रोकने के लिए लिया गया है।

 

मार्च लूट रोकने के लिए सरकार की सख्त नजर वित्तीय वर्ष के समापन पर अनावश्यक निकासी और वित्तीय अनियमितताओं को रोकने के लिए सरकार विशेष सतर्कता बरत रही है। वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने स्पष्ट किया है कि ‘मार्च लूट’ जैसी किसी भी स्थिति को रोकने के लिए कड़े प्रबंध किए गए हैं। उन्होंने कहा कि केवल उन्हीं योजनाओं से राशि निकाली जाएगी जिनका वैध वित्तीय आधार है।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि किसी योजना की पीएल (पर्सनल लेजर) खाता में राशि दो लगातार वित्तीय वर्षों से जमा है, तो उसे लेकर कोई आपत्ति नहीं होगी। हालांकि, यदि कोई राशि दो वर्ष से अधिक समय से पीएल खाता में पड़ी है और उसके वैधीकरण के लिए अनुमोदन मांगा जा रहा है, तो इसे स्वीकृति नहीं दी जाएगी। सरकार इस बात को सुनिश्चित कर रही है कि वित्तीय वर्ष के समापन के चार दिनों में किसी भी प्रकार के अनावश्यक खर्च को रोका जाए।

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