चलती कार बनी आग का गोला, अंदर लॉक था चालक… मौत सामने थी और फिर पुलिस ने तोड़ा शीशा, ऐसे बची जान
इंदौर के चोइथराम चौराहे पर अचानक धधकी कार, दरवाजे लॉक होने से भीतर फंसा ड्राइवर; ट्रैफिक पुलिस ने कांच तोड़कर बाहर निकाला और रास्ते में CPR देकर बचाई जिंदगी

इंदौर। शनिवार दोपहर शहर के व्यस्त चोइथराम चौराहे पर उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब सड़क पर दौड़ रही एक कार अचानक आग की लपटों से घिर गई। देखते ही देखते कार आग का गोला बन गई और सबसे खौफनाक बात यह थी कि कार के दरवाजे लॉक हो जाने के कारण चालक अंदर ही फंस गया था।
हालात बिगड़ते देख मौके पर मौजूद ट्रैफिक पुलिस के जवानों ने बिना समय गंवाए मोर्चा संभाला। गेट नहीं खुला तो जवानों ने कार का शीशा तोड़कर चालक को बाहर निकाला और उसकी जान बचाने के लिए मौके पर ही जद्दोजहद शुरू कर दी।
अचानक धधक उठी पुरानी कार
जानकारी के मुताबिक, शनिवार को एक पुरानी कार चोइथराम इलाके से गुजर रही थी। इसी दौरान संभवतः शॉर्ट सर्किट के कारण उसमें अचानक आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि चालक को संभलने का मौका तक नहीं मिला।
आग के कारण कार का सिस्टम भी फेल हो गया और उसके सभी दरवाजे लॉक हो गए। चालक अंदर फंस गया और बाहर निकलने की कोशिश करता रहा।
ट्रैफिक पुलिस बनी ‘देवदूत’
उस समय ट्रैफिक थाना जोन-4 के टीआई सुमित बिलोनिया अपनी टीम के साथ चौराहे पर यातायात संभाल रहे थे। जलती कार के अंदर चालक को फंसा देखकर उन्होंने तुरंत अपने स्टाफ एएसआई जेपी तिवारी, प्रधान आरक्षक कमल और आरक्षक विजय के साथ बचाव अभियान शुरू किया।
जवानों ने पहले कार का गेट खोलने की कोशिश की, लेकिन जब सफलता नहीं मिली तो एक पल भी गंवाए बिना भारी पत्थर और डंडों की मदद से कार का कांच तोड़ दिया।
इसके बाद बुरी तरह झुलस चुके चालक को कार से बाहर निकाला गया।
एंबुलेंस का इंतजार नहीं किया, लोडिंग रिक्शे में पहुंचाया अस्पताल
कार से बाहर निकाले जाने के बाद चालक की हालत बेहद गंभीर थी। आग में फंसे रहने के कारण उसका शरीर बुरी तरह झुलस चुका था।
पुलिस ने एंबुलेंस का इंतजार करने के बजाय मौके पर मौजूद एक लोडिंग रिक्शे को रुकवाया और घायल को उसमें लिटाकर तुरंत नजदीकी निजी अस्पताल की ओर रवाना हो गई।
सबसे अहम बात यह रही कि रास्ते में पुलिस जवान घायल चालक को लगातार CPR देते रहे, ताकि उसकी सांसें चलती रहें।
करीब 40 फीसदी झुलसा चालक
अस्पताल पहुंचने के बाद डॉक्टरों ने घायल का उपचार शुरू किया। पुलिस के मुताबिक चालक की पहचान गायत्री नगर निवासी रूपेश, पिता दुलीचंद यादव के रूप में हुई है।
डॉक्टरों के अनुसार उसका शरीर करीब 40 प्रतिशत तक झुलस गया है और फिलहाल उसका इलाज जारी है।
कुछ देर के लिए थम गया ट्रैफिक
हादसे के बाद चोइथराम चौराहे पर यातायात व्यवस्था भी प्रभावित हुई और सड़क पर भारी जाम लग गया। हालांकि, पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए जली हुई कार को सड़क से हटवाया, जिसके बाद यातायात दोबारा सामान्य हो सका।
इस पूरे घटनाक्रम में ट्रैफिक पुलिस की तत्परता, साहस और सूझबूझ की लोग जमकर तारीफ कर रहे हैं। अगर जवान समय पर मौके पर नहीं पहुंचते और शीशा तोड़कर चालक को बाहर नहीं निकालते, तो यह हादसा और भी भयावह हो सकता था।
जलती कार के भीतर जिंदगी और मौत के बीच फंसे चालक के लिए वे कुछ मिनट बेहद अहम थे… लेकिन पुलिस की फुर्ती ने मौत के मुंह से एक जिंदगी खींच ली।










