1786 स्कूलों के हेडमास्टरों पर गिरी गाज, शिक्षा विभाग ने जारी किया फाइनल अल्टीमेटम, तुरंत अपना जवाब दीजिये, नहीं तो …

Action taken against headmasters of 1786 schools, Education Department issued final ultimatum, submit your reply immediately, otherwise...

School News: 1700 से ज्यादा हेडमास्टरों की मुश्किलें बढ़ने वाली है। विभाग ने सभी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। स्कूली बच्चों के मामले में लापरवाही पर ये कार्रवाई की गयी है। दरअसल कई बार विभाग ने इन स्कूलों के हेडमास्टरों को अल्टीमेटम भी दिया था, लेकिन स्कूलों ने अपनी व्यवस्था नहीं सुधारी, जिसके बाद अब विभाग ने सख्त रुख अपना लिया है।

 

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मामला बिहार के भोजपुर जिले का है, जहां स्कूलों के लगभग 80 हजार जरूरतमंद और बेसहारा बच्चों के सामने इस वर्ष सरकारी योजनाओं से वंचित होने का संकट खड़ा हो गया है। यह संकट किसी प्राकृतिक आपदा या तकनीकी खराबी के कारण नहीं, बल्कि जिले के 1786 सरकारी स्कूलों के प्रधानाचार्यों और प्रभारी प्रधानाचार्यों की लापरवाही के चलते उत्पन्न हुआ है।

 

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आपको बता दें कि शिक्षा विभाग द्वारा यू-डाइस पोर्टल (U-DISE) पर छात्रों का डाटा अपलोड करने की प्रक्रिया चल रही है, जो कि 25 अप्रैल 2025 तक पूरी की जानी है। लेकिन अब तक जिले के हजारों स्कूलों ने अपने छात्रों का डाटा अपलोड नहीं किया है।

 

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इससे यह आशंका जताई जा रही है कि डाटा के अभाव में इन छात्रों को पोशाक योजना, छात्रवृत्ति योजना, साइकिल योजना सहित अन्य सुविधाओं से वंचित होना पड़ सकता है।

 

चेतावनी के बावजूद लापरवाही जारी

शिक्षा विभाग द्वारा कई बार चेतावनी और लिखित निर्देश जारी किए गए, बावजूद इसके स्कूलों ने प्रक्रिया को गंभीरता से नहीं लिया। इस लापरवाही को देखते हुए जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (DPO) सर्व शिक्षा अभियान, चंदन प्रभाकर ने सभी जिम्मेदार प्रधानाचार्यों को 24 घंटे के भीतर डाटा अपलोड करने का आदेश दिया है। साथ ही स्पष्ट किया है कि यदि छात्रों को योजनाओं का लाभ नहीं मिल पाया, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित प्रधानाचार्यों पर होगी और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

 

आंकड़ों में लापरवाही की तस्वीर

समीक्षा में सामने आया कि सबसे अधिक लापरवाही पीरो और आरा सदर अनुमंडल के स्कूलों में देखी गई है।

• पीरो: 195 स्कूल

• आरा सदर: 188 स्कूल

• जगदीशपुर: 167 स्कूल

• बड़हरा: 164 स्कूल

• तरारी: 157 स्कूल

• उदवंतनगर: 134 स्कूल

• कोईलवर: 119 स्कूल

• शाहपुर और सहार: 105-105 स्कूल

• अगिआंव: 100 स्कूल

• गड़हनी: 87 स्कूल

• संदेश (सबसे कम): 74 स्कूल

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