ब्रेकिंग : कर्मचारियों को नहीं मिलेगा अब चिकित्सा भत्ता, मेडिकल एलाउंस की जगह लागू होगी बीमा योजना, कैबिनेट की लगी मुहर

रांची: राज्य सरकार ने कर्मचारियों के हित में बड़ा फैसला लिया है। राज्य सरकार ने कर्मचारियों के स्वास्थ्य बीमा योजना लागू की है। अब राज्यकर्मियों को चिकित्सा भत्ता नहीं मिलेगा, बल्कि उसके स्थान पर राज्य कर्मियों को वार्षिक प्रीमियम पर स्वास्थ्य बीमा योजना का लाभ दिया जायेगा। खुद स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने ट्वीट कर ये जानकारी दी है। कैबिनेट में इस प्रस्ताव पर मुहर लग गयी है।

राज्य के पदाधिकारियों/कर्मियों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने हेतु देय चिकित्सा भत्ता को समाप्त करते हुये इसके स्थान पर वार्षिक प्रीमियम पर स्वास्थ्य बीमा योजना की सुविधा प्रदान किये जाने की व्यवस्था दिये जाने का निर्णय कैबिनेट की बैठक में लिया गया है!

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इस तरह से मिलेगा बीमा का लाभ

उक्त के आलोक में 05 (पाँच) लाख रूपये प्रतिवर्ष की अधिसीमा के अन्तर्गत स्वास्थ्य बीमा प्रदान किया जाएगा। कर्मियों को तत्काल उच्चतर संस्थान में उपचार हेतु विशेष परिस्थिति में एयर एम्बुलेंस / वायुयान यात्रा की अनुमान्यता होगी। उक्त योजना से राज्य विधानसभा के पूर्व माननीय सदस्य, अखिल भारतीय सेवाओं के इच्छुक सेवारत / सेवानिवृत / राज्य सेवाओं के सेवानिवृत पदाधिकारी/कर्मचारी/ राज्य सरकार के बोर्ड, निगम, संस्थान, संस्था के कार्यरत सेवानिवृत नियमित कर्मी, राजकीय विश्वविद्यालयों एवं उनके अंतर्गत महाविद्यालय में कार्यरत / सेवानिवृत शिक्षकगण एवं शिक्षेत्तर कर्मी बीमा प्रदान करने हेतु यथा निर्धारित बीमा राशि का भुगतान कर इस योजना से आच्छादित हो सकेगें ।

क्या कहती है हेमंत सरकार

इस योजना के लाभुक हो जाने के उपरांत राज्य सरकार के द्वारा ऐसे सभी कर्मियों / सेवानिवृत कर्मियों को 500 प्रतिमाह चिकित्सा भत्ता का भुगतान ओ०पी०डी०/जॉच / दवा आदि हेतु पूर्ववत् भुगतान किया जाएगा। यह योजना राज्यकर्मियों और उनके आश्रितों के लिए हेमंत सरकार द्वारा तौहफा है, इस दिन को इतिहास के पन्नों में स्वर्ण अक्षरों से लिखा जायेगा, गठबंधन की सरकार अपने राज्यकर्मियों के साथ मजबूती से खड़ी है!

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