झारखंड में स्वास्थ्य विभाग का घूसखोर अफसर गिरफ्तार, ANM ने ACB से अफसर को रंगे हाथों पकड़वाया मचा हड़कंप

A bribe-taking officer of the Jharkhand Health Department was arrested; an ANM got the officer caught red-handed by the ACB, causing a stir.

Jharkhand ACB Raid। झारखंड में स्वास्थ्य विभाग के एक घूसखोर अफसर को रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है। इस कार्रवाई के बाद हड़कंप मच गया है। वहीं एसीबी के अफसर लगातार आरोपी से पूछताछ कर रहे हैं।

 

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घटना झारखंड के लातेहार जिले की है, जहां सोमवार को एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए सदर प्रखंड स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थापित ब्लॉक प्रोग्राम मैनेजर (BPM) अजय भारती को 5,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई पलामू एसीबी की टीम ने की, जिसने आरोपी को मौके पर दबोचकर पलामू ले जाया गया।

 

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लातेहार के सिविल सर्जन डॉ. राजमोहन खलखो ने घटना की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि उन्हें इस संबंध में मौखिक जानकारी प्राप्त हुई है, हालांकि अभी तक एसीबी द्वारा कोई औपचारिक या लिखित सूचना नहीं दी गई है।

 

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क्या है पूरा मामला

मिली जानकारी के मुताबिक लातेहार प्रखंड स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत एक महिला एएनएम (सहायक नर्स मिडवाइफ) का कॉन्ट्रैक्ट रेगुलर करने का मामला लंबे समय से लंबित था। एएनएम के अनुसार, प्रभारी बीपीएम अजय भारती ने फाइल आगे बढ़ाने के एवज में 10,000 रुपये रिश्वत की मांग की थी।

आरोप है कि रिश्वत नहीं देने पर फाइल को जानबूझकर अटका दिया गया। इससे परेशान होकर एएनएम ने पलामू एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) से शिकायत की। शिकायत मिलने के बाद ACB ने गुप्त रूप से जांच शुरू की, जिसमें पाया गया कि एएनएम की शिकायत सही और तथ्यपूर्ण है।

 

इस तरह रची गई ट्रैप की योजना

साक्ष्य मिलने के बाद एसीबी की टीम ने आरोपी को रंगेहाथ पकड़ने की योजना बनाई। इसके तहत एएनएम को आरोपी बीपीएम से मिलने भेजा गया। मुलाकात के दौरान अजय भारती ने फाइल बढ़ाने के लिए कम से कम 5,000 रुपये तुरंत देने और शेष रकम काम होने के बाद देने की बात कही।

 

एसीबी ने पूर्व निर्धारित संकेत पर कार्रवाई करते हुए जैसे ही बीपीएम ने रिश्वत की राशि स्वीकार की, टीम ने मौके पर ही उसे रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद आरोपी को निगरानी विभाग की टीम अपने साथ उसके घर ले गई और वहां भी तलाशी ली। तलाशी के दौरान कई दस्तावेजों की जांच की गई।

 

आरोपी को पलामू ले जाया गया

पूरी कार्रवाई पूरी होने के बाद आरोपी को औपचारिक गिरफ्तारी के साथ पलामू ले जाया गया, जहां आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी। सूत्रों के अनुसार, जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि क्या बीपीएम ने इस तरह की मांग अन्य कर्मचारियों से भी की थी।लातेहार जैसी संवेदनशील जगहों पर जहां स्वास्थ्य सेवाएं जनजीवन से सीधी जुड़ी होती हैं, वहां भ्रष्टाचार की यह घटना गंभीर मानी जा रही है। अब देखना यह है कि आगे की जांच में कितने और नामों का खुलासा होता है।

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