CRIME NEWS: 50+ उम्र के पुरुषों को बनाया निशाना, AI फोटो, फर्जी कॉल और ब्लैकमेलिंग से रचा गया ठगी का खतरनाक नेटवर्क

शादी का सपना या खौफनाक जाल, कॉल सेंटर के पर्दे के पीछे चल रहा था करोड़ों का खेल


उत्तर प्रदेश के Jhansi से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने ऑनलाइन ठगी के नए और खतरनाक चेहरे को उजागर कर दिया है। यहां शादी के नाम पर चल रहे एक फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ हुआ है, जहां भावनाओं को हथियार बनाकर लोगों से लाखों रुपये ऐंठे जा रहे थे।

पुलिस की छापेमारी में इस कॉल सेंटर से न सिर्फ ठगी के सबूत मिले, बल्कि एक और चौंकाने वाला सच सामने आया—यहां काम कर रहीं कई लड़कियां खुद ‘साइबर गुलामी’ की शिकार थीं। उन्हें धमकाकर इस गैरकानूनी काम में लगाया गया था।

मामले में कॉल सेंटर की मैनेजर हिना कौशर को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि इसके मुख्य संचालक सतीश और नीतू प्रजापति अभी फरार बताए जा रहे हैं। पुलिस ने मौके से 18 से 20 साल की उम्र की 16 लड़कियों को बरामद किया, जिन्हें बाद में काउंसलिंग के बाद उनके परिवारों को सौंप दिया गया।

जांच में सामने आया कि यह गिरोह खासतौर पर 50 साल या उससे ज्यादा उम्र के उन पुरुषों को निशाना बनाता था, जो शादी करना चाहते थे। अखबारों और वेबसाइट्स से ऐसे लोगों का डेटा जुटाकर उनसे संपर्क किया जाता था। शुरुआत में रजिस्ट्रेशन के नाम पर 500 से 2000 रुपये तक वसूले जाते थे।

इसके बाद खेल शुरू होता था असली धोखे का। पुरुषों को AI तकनीक से तैयार की गई खूबसूरत लड़कियों की फर्जी तस्वीरें भेजी जाती थीं। शादी की बातचीत और फोन कॉल के नाम पर उनसे बार-बार पैसे मांगे जाते थे। कॉल पर असल में कॉल सेंटर की ही लड़कियां बात करती थीं, जिससे पीड़ित को शक न हो।

इतना ही नहीं, कई बार बातचीत को जानबूझकर अश्लील मोड़ दिया जाता था और बाद में उसी रिकॉर्डिंग के आधार पर पीड़ितों को ब्लैकमेल किया जाता था। इस पूरे जाल में फंसे लोग डर और शर्म के कारण शिकायत करने से भी कतराते थे।

पुलिस के अनुसार, यह गैंग अब तक देशभर के 600 से ज्यादा लोगों को अपना शिकार बना चुका है और करीब 40 लाख रुपये से अधिक की ठगी कर चुका है। कार्रवाई के दौरान 9 बैंक खातों को फ्रीज किया गया है।

इस पूरे मामले का एक और काला सच यह है कि कॉल सेंटर में काम करने वाली लड़कियां बेहद गरीब परिवारों से थीं और उन्हें मात्र 5000 रुपये महीने की नौकरी दी जाती थी। उनके आधार कार्ड और जरूरी दस्तावेज अपने पास रखकर उन्हें बंधक जैसा बना लिया जाता था, जिससे वे चाहकर भी इस काम को छोड़ नहीं पाती थीं।

पुलिस ने मौके से 7 कंप्यूटर, एक टैबलेट, 30 मोबाइल फोन और कई अहम दस्तावेज बरामद किए हैं। अब फरार आरोपियों की तलाश जारी है और इस नेटवर्क के और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

यह मामला एक बार फिर चेतावनी देता है कि ऑनलाइन रिश्तों और आकर्षक ऑफर्स के पीछे छिपा सच कितना खतरनाक हो सकता है, जहां एक क्लिक या एक कॉल जिंदगी भर का नुकसान बन सकता है।

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