झारखंड सरकार का कर्मचारियों के लिए बड़ा तोहफा, अब मिलेगा एडवांस वेतन, 24×7 डिजिटल सैलरी सुविधा लागू, TET नियमावली भी मंजूर
झारखंड सरकार ने कर्मचारियों को 30 दिन का अग्रिम वेतन और डिजिटल सैलरी एडवांस सुविधा दी। जानें कैसे मिलेगा लाभ, क्या हैं नियम और TET नियमावली पर क्या हुआ फैसला।

रांची। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में सोमवार को हुई झारखंड कैबिनेट बैठक में सरकारी कर्मचारियों के हित में एक बड़ा और राहत भरा फैसला लिया गया। राज्य सरकार ने फैसला लिया है कि अब राज्य के सरकारी कर्मी आकस्मिक जरूरतों को पूरा करने के लिए एक महीने तक का अग्रिम वेतन स्वयं ले सकेंगे। कैबिनेट के इस फैसले से प्रदेश के लाखों कर्मचारियों को फायदा मिल सकेगा।
डिजिटल सैलरी एडवांस सुविधा
हेमंत कैबिनेट ने कर्मचारियों के लिए क्रेडिट सुविधाएं, अग्रिम वेतन, बीमा उत्पाद और अन्य मूल्यवर्धित सेवाओं को मंजूरी दी है। इसके तहत नन बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनियों (NBFC) के माध्यम से सैलरी एडवांस की सुविधा दे जाएगी। यह पूरी प्रक्रिया डिजिटल होगी, जिससे कर्मचारी कभी भी—दिन या रात—इस सुविधा का लाभ ले सकेंगे। खास बात यह है कि इस योजना में आवेदन करने पर 100 प्रतिशत स्वीकृति की व्यवस्था की गई है, जिससे कर्मचारियों को तत्काल आर्थिक राहत मिल सके।
बिना शुल्क मिलेगा एक माह का वेतन
राज्य सरकार के इस फैसले के तहत कर्मचारी अपने एक महीने के वेतन के बराबर राशि बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के अग्रिम ले सकेंगे। यदि कर्मचारी इस राशि को उसी महीने या अगले महीने लौटा देते हैं, तो उन पर कोई ब्याज या अतिरिक्त चार्ज नहीं लगेगा।
आसान किस्तों में भुगतान का विकल्प
अगर कर्मचारी तुरंत राशि वापस नहीं करना चाहते, तो उन्हें 2 महीने से लेकर 60 महीने तक की अवधि में किस्तों के जरिए भुगतान करने का विकल्प भी मिलेगा। इस स्थिति में राशि उनके वेतन से मासिक ईएमआई के रूप में काटी जाएगी।
30 गुना तक राशि लेने की सुविधा
इस सुविधा के तहत कर्मचारी अपनी मासिक आय का 30 गुना तक राशि भी ले सकेंगे, जो विशेष परिस्थितियों या बड़े खर्चों के लिए उपयोगी होगी। इससे कर्मचारियों को व्यक्तिगत या पारिवारिक जरूरतों को पूरा करने में बड़ी सहायता मिलेगी।
संस्थानों का चयन होगा
राज्य सरकार इस योजना को लागू करने के लिए नन बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनियों, वित्तीय संस्थानों और एजेंसियों का चयन करेगी। इससे कर्मचारियों को विभिन्न विकल्प मिलेंगे और वे अपनी जरूरत के अनुसार सेवा प्रदाता का चयन कर सकेंगे।
TET नियमावली को मंजूरी, उठे सवाल
कैबिनेट बैठक में शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) नियमावली को भी मंजूरी दे दी गई। हालांकि इस प्रस्ताव पर कांग्रेस कोटे के दो मंत्रियों—राधाकृष्ण किशोर और दीपिका पांडेय सिंह—ने आपत्ति दर्ज कराई।दोनों मंत्रियों ने TET में मगही, भोजपुरी और अंगिका भाषाओं को शामिल करने की मांग रखी। उनका कहना था कि इन भाषाओं को शामिल नहीं करना राज्य के बड़े वर्ग की अनदेखी होगी।गौरतलब है कि पिछली कैबिनेट बैठक में इस मुद्दे को लेकर निर्णय टाल दिया गया था, लेकिन इस बार इसे स्वीकृति दे दी गई।












