Karwa Chauth 2026: झारखंड में कब दिखेगा करवा चौथ का चांद? रांची से धनबाद तक जानिए 8 शहरों का समय
करवा चौथ पर चांद के दीदार का इंतजार कर रही महिलाओं के लिए जरूरी जानकारी। झारखंड में बारिश और बादलों के कारण चंद्र दर्शन में हो सकती है देरी, जानिए रांची, जमशेदपुर, बोकारो समेत प्रमुख शहरों में संभावित चंद्रोदय का समय।

रांची। करवा चौथ का पर्व विवाहित महिलाओं के लिए विशेष महत्व रखता है। इस दिन महिलाएं पति की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना के साथ निर्जला व्रत रखती हैं। दिनभर उपवास करने के बाद शाम को पूजा और व्रत कथा सुनने के बाद सभी को चंद्रमा के दर्शन का इंतजार रहता है।
हालांकि, झारखंड में बारिश और आसमान में बादल छाए रहने के कारण चांद देखने में परेशानी हो सकती है। ऐसे में अलग-अलग शहरों में चंद्रोदय का संभावित समय जानना जरूरी है।
झारखंड के 8 शहरों में कब होगा चंद्रोदय?
नीचे दिए गए समय उपलब्ध जानकारी के आधार पर संभावित हैं। वास्तविक चंद्रोदय में शहर की भौगोलिक स्थिति के अनुसार अंतर हो सकता है। बादलों के कारण चांद दिखाई देने में देरी भी हो सकती है।
| शहर | संभावित चंद्रोदय का समय |
|---|---|
| रांची | रात 7:53 बजे |
| जमशेदपुर | रात 7:50 बजे |
| धनबाद | रात 7:52 बजे |
| बोकारो स्टील सिटी | रात 7:48 बजे |
| हजारीबाग | रात 7:51 बजे |
| गिरिडीह | रात 7:51 बजे |
| देवघर | रात 7:49 बजे |
| रामगढ़ | रात 7:58 बजे |
जरूरी बात: ये समय संभावित हैं, सत्यापित खगोलीय समय नहीं। व्रत खोलने से पहले स्थानीय पंचांग या विश्वसनीय चंद्रोदय समय-सारिणी से पुष्टि कर लें। चंद्रमा निकलने के बावजूद घने बादलों के कारण उसके दर्शन नहीं हो सकते।
सरगी से चंद्र दर्शन तक, ऐसे पूरी होती है करवा चौथ की परंपरा
करवा चौथ के दिन कई महिलाएं सूर्योदय से पहले सरगी ग्रहण करके व्रत की शुरुआत करती हैं। सरगी में फल, मिठाई, सूखे मेवे और अन्य खाद्य पदार्थ शामिल किए जाते हैं। इसके बाद महिलाएं दिनभर निर्जला व्रत रखती हैं और शाम को पूजा की तैयारी करती हैं।
शाम को करवा चौथ की पूजा और व्रत कथा सुनने की परंपरा है। रात में चंद्रमा के दर्शन होने पर महिलाएं अर्घ्य अर्पित करती हैं और पति की लंबी उम्र तथा परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करती हैं। इसके बाद कई परिवारों में पति के हाथ से जल ग्रहण करके व्रत खोलने की परंपरा निभाई जाती है।
पति-पत्नी के प्रेम और विश्वास का प्रतीक है करवा चौथ
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, करवा चौथ पति-पत्नी के प्रेम, विश्वास और सुखी वैवाहिक जीवन का प्रतीक है। इस दिन महिलाएं अपने पति के अच्छे स्वास्थ्य, दीर्घायु और परिवार की खुशहाली के लिए प्रार्थना करती हैं।
पूजा-विधि और व्रत खोलने की परंपरा अलग-अलग क्षेत्रों और परिवारों में भिन्न हो सकती है। इसलिए व्रत के पारण के लिए अपनी पारिवारिक परंपरा और स्थानीय पंचांग का ध्यान रखना चाहिए।
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