अगले महीने कर्मचारियों की होगी बल्ले-बल्ले, बढ़ सकता है महंगाई भत्ता, जानिये कितना होगा सैलरी में फायदा

नयी दिल्ली। केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी अगले महीने से बढ़ने वालीहै। हालांकि केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी बढ़ने का मतलब है कि उसके बाद जल्द ही राज्यकर्मियों की भी सैलरी बढ़ेगी। खबर है कि जुलाई में जो महंगाई भत्ता बढ़ेगा, वो चार फीसदी का होगा। अभी केंद्र और राज्य के कर्मचारियों को 42 फीसदी महंगाई भत्ता मिल रहा है, लेकिन जल्द ही ये बढ़कर 46 फीसदी होने वाला है। जुलाई से केंद्रीय कर्मचारियों (Central Employees) को बढ़े महंगाई भत्ता का तोहफा मिल सकता है। केंद्र सरकार (Central Government) इस साल की दूसरी छमाही के लिए कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (Dearness Allowance) में इजाफा कर सकती है।
आपको याद होगा कि सरकार ने मार्च 2022 में कर्मचारियों के डीए में तीन फीसदी की बढ़ोतरी की थी। इसके बाद कर्मचारियों का महंगाई भत्ता 31 फीसदी से बढ़कर 34 फीसदी हुआ था। उसके बाद दो बार चार-चार फीसदी का इजाफा डीए में हुआ। सरकार ने इस साल की पहली छमाही के लिए डीए में चार फीसदी का इजाफा किया था. इसके बाद केंद्रीय कर्मचारियों का डीए 38 फीसदी से बढ़कर 42 फीसदी पर पहुंच गया था। सब कुछ ठीक रहा तो फिर से चार फीसदी की बढोत्तरी होगी और महंगाई भत्ता 46 फीसदी हो जायेगा।
महंगाई जितनी अधिक होगी, डीए में बढ़ोतरी उतनी ही अधिक होती है. कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए महंगाई भत्ते और महंगाई राहत की गणना श्रम ब्यूरो करता है। किसी केंद्रीय कर्मचारी का बेसिक पे 18,000 रुपये है. अगर 38 फीसदी के हिसाब से देखें, तो डीए 6,840 रुपये बनता है। वहीं, अगर 42 फीसदी के हिसाब से देखें, तो ये 7,560 रुपये बनेगा. यानी कर्मचारी की सैलरी में 720 रुपये की बढ़ोतरी होगी।
क्या होता है फिटमेंट फैक्टर
इसके अलावा कहा जा रहा है कि सरकार फिटमेंट फैक्टर (Fitment Factor) में भी इजाफा कर सकती है. अगर फिटमेंट फैक्टर में बढ़ोतरी का ऐलान होता है, तो कर्मचारियों की बेसिक सैलरी (Basic Salary) जोरदार इजाफा होगा. कर्मचारियों को फिटमेंट फैक्टर फिलहाल 2.57 फीसदी मिलता है. 4200 रुपये ग्रेड पे के कर्मचारी को बेसिक सैलरी 15,500 रुपये मिलती है. इस तरह उसके कुल वेतन 15,500X2.57 रुपये या 39,835 रुपये होगा. छठे सीपीसी ने फिटमेंट फैक्टर में 1.86 फीसदी इजाफा करने की सिफारिश की थी. कर्मचारी मांग कर रहे हैं कि फिटमेंट फैक्टर को बढ़ाकर 3.68 फीसदी कर दिया जाए. अगर इतनी बढ़ोतरी होती है, तो मौजूदा न्यूनतम वेतन 18,000 रुपये से बढ़ाकर 26,000 रुपये हो जाएगा.











