Dhanbad News: धनबाद की मुनमुन भट्टाचार्य ने रचा गौरव का इतिहास! राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से किया सम्मानित

बरमसिया के सरकारी स्कूल की अंग्रेजी शिक्षिका का देशभर में चयनित 48 शिक्षकों में नाम; विज्ञान भवन में मिला प्रशस्ति पत्र, शाल और ₹50 हजार की सम्मान राशि

धनबाद: धनबाद के लिए गर्व का क्षण है। राजकीयकृत मध्य विद्यालय बरमसिया की प्रभारी प्रिंसिपल और अंग्रेजी शिक्षिका मुनमुन भट्टाचार्य को प्रतिष्ठित राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित सम्मान समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने उन्हें यह पुरस्कार प्रदान किया।

देशभर से चयनित 48 शिक्षकों में मुनमुन भट्टाचार्य का भी चयन हुआ था। सम्मान के रूप में उन्हें प्रशस्ति पत्र, शाल और ₹50 हजार की सम्मान राशि प्रदान की गई।

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सरकारी स्कूल को लेकर बदली सोच

सीमित संसाधनों के बीच मुनमुन भट्टाचार्य ने सरकारी स्कूलों को लेकर बनी पारंपरिक धारणा को बदलने की दिशा में लगातार काम किया। उनके नवाचार, समर्पण और निरंतर प्रयासों ने बरमसिया के सरकारी विद्यालय को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई।

उन्होंने शिक्षा को केवल किताबों तक सीमित न रखते हुए विद्यार्थियों के आत्मविश्वास, संवाद क्षमता और अभिव्यक्ति कौशल को भी अपनी शिक्षण पद्धति का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया।

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‘इंग्लिश अराउंड मी’ से बच्चों का डर किया दूर

अंग्रेजी शिक्षिका के तौर पर मुनमुन भट्टाचार्य ने विद्यार्थियों के साथ लगातार संवाद स्थापित किया और उनके मन से अंग्रेजी भाषा का डर दूर करने का प्रयास किया।

बच्चों की भाषा दक्षता और अभिव्यक्ति क्षमता विकसित करने के लिए उन्होंने ‘इंग्लिश अराउंड मी’ नाम से अनूठी गतिविधि शुरू की। इसके तहत विद्यार्थियों को रोजमर्रा की जिंदगी में अंग्रेजी के शब्दों और वाक्यों का इस्तेमाल करने के लिए प्रेरित किया गया।

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इस गतिविधि का उद्देश्य बच्चों को अंग्रेजी को सिर्फ विषय के तौर पर पढ़ने के बजाय उसे दैनिक जीवन में इस्तेमाल करने का आत्मविश्वास देना था।

किताबों से आगे सीखने पर दिया जोर

मुनमुन भट्टाचार्य का मानना है कि बेहतर शिक्षा के लिए केवल किताबें पर्याप्त नहीं हैं। बच्चों में सीखने की इच्छा, आत्मविश्वास और अपनी बात रखने की क्षमता विकसित करना भी उतना ही जरूरी है।

इसी सोच को उन्होंने अपनी शिक्षण पद्धति का आधार बनाया। उनके प्रयासों से विद्यार्थियों के सीखने के तरीके में बदलाव आया और विद्यालय की कार्यसंस्कृति को भी नई दिशा मिली।

बरमसिया से राष्ट्रीय मंच तक पहुंचा सफर

बरमसिया के सरकारी स्कूल से शुरू हुआ मुनमुन भट्टाचार्य का सफर अब राष्ट्रीय मंच तक पहुंच गया है। राष्ट्रपति के हाथों राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार प्राप्त करना उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि के साथ-साथ धनबाद और पूरे झारखंड के लिए गौरव का क्षण है।

उनकी उपलब्धि यह संदेश भी देती है कि सीमित संसाधनों के बावजूद यदि शिक्षण में नवाचार, समर्पण और बच्चों के प्रति संवेदनशीलता हो, तो सरकारी स्कूल भी राष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बना सकते हैं।

 

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