Ranchi News: झारखंड में टीबी के खिलाफ जंग तेज! इलाज के साथ मरीजों को हर महीने मिलेंगे ₹1000, जानें कैसे मिलेगा लाभ

स्वास्थ्य विभाग ने जांच और जागरूकता अभियान बढ़ाया; सरकारी केंद्रों पर मुफ्त जांच-इलाज, गांवों और वार्डों में हैंड हेल्ड एक्स-रे से भी हो रही स्क्रीनिंग

रांची: झारखंड को टीबी मुक्त बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने राज्य में जागरूकता और जांच अभियान तेज कर दिया है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, झारखंड की ओर से लोगों से अपील की गई है कि टीबी के लक्षण दिखाई देने पर बिना देरी जांच कराएं। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि समय पर बीमारी की पहचान और पूरा इलाज कराने से टीबी पूरी तरह ठीक हो सकती है।

इन लक्षणों को बिल्कुल न करें नजरअंदाज

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार दो सप्ताह या उससे अधिक समय तक खांसी, रात में पसीना आना, बुखार, बलगम वाली खांसी, सीने में दर्द और बलगम में खून आना टीबी के प्रमुख लक्षण हो सकते हैं।

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इसके अलावा अत्यधिक थकान, शरीर के किसी हिस्से में गांठ, अचानक वजन कम होना या शरीर में किसी तरह का असामान्य बदलाव भी संकेत हो सकता है।

लक्षण दिखें तो तुरंत कराएं जांच

अगर इनमें से कोई भी लक्षण नजर आए तो नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराने की सलाह दी गई है। सरकारी अस्पतालों में टीबी की जांच और इलाज की सुविधा मुफ्त उपलब्ध है।

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बीमारी की जल्द पहचान होने से इलाज समय पर शुरू किया जा सकता है और संक्रमण को फैलने से रोकने में भी मदद मिलती है।

इलाज के दौरान हर महीने ₹1000 की मदद

टीबी मरीजों को इलाज के दौरान पोषण संबंधी जरूरतों में मदद देने के लिए सरकार की ओर से आर्थिक सहायता भी दी जा रही है। निःक्षय पोषण सहायता राशि के तहत पात्र टीबी मरीजों के बैंक खाते में हर महीने ₹1000 भेजे जा रहे हैं।

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यह आर्थिक सहायता मरीज को इलाज की अवधि के दौरान दी जाती है, ताकि दवाओं के साथ उसके पोषण पर भी ध्यान दिया जा सके।

हैंड हेल्ड एक्स-रे से गांवों में जांच

टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत राज्य के चिन्हित गांवों और वार्डों में विशेष जांच कैंप लगाए जा रहे हैं। इन शिविरों में हैंड हेल्ड एक्स-रे मशीन का इस्तेमाल भी किया जा रहा है।

इस तकनीक की मदद से ऐसे लोगों की पहचान करने में सहायता मिल रही है, जिनमें टीबी के स्पष्ट लक्षण दिखाई नहीं दे रहे हैं।

‘निःक्षय मित्र’ बनकर मरीजों की करें मदद

स्वास्थ्य विभाग ने जनप्रतिनिधियों, पंचायत प्रतिनिधियों, स्वयंसेवी संस्थाओं, स्वयं सहायता समूहों और आम लोगों से निःक्षय मित्र अभियान से जुड़ने की अपील की है।

निःक्षय मित्र टीबी मरीजों को पोषण, जांच और आजीविका से जुड़ी जरूरतों में सहयोग कर सकते हैं। इससे मरीजों को इलाज पूरा करने में अतिरिक्त सहायता मिल सकती है।

टीबी की जानकारी के लिए हेल्पलाइन जारी

टीबी से संबंधित जानकारी के लिए राष्ट्रीय टोल फ्री हेल्पलाइन 1800-11-6666 पर संपर्क किया जा सकता है। इसके अलावा लोग टीबी मुक्त भारत ऐप का भी इस्तेमाल कर सकते हैं।

जरूरत पड़ने पर सहिया, सीएचओ, चिकित्सा पदाधिकारी या जिला यक्ष्मा पदाधिकारी से भी संपर्क किया जा सकता है।

राज्य यक्ष्मा प्रभाग ने 8434736553 और 7979877266 मोबाइल नंबर भी जारी किए हैं।

स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि टीबी के खिलाफ लड़ाई में जागरूकता, समय पर जांच, पूरा इलाज और सामुदायिक सहयोग बेहद महत्वपूर्ण है। लोगों की सक्रिय भागीदारी से झारखंड को टीबी मुक्त बनाने के लक्ष्य को हासिल करने में मदद मिलेगी।

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