भूकंप ब्रेकिंग:फिर से सुबह सुबह धरती डोली, डर से नींद में सोए लोग घरों से निकलकर भागे, इन राज्यों में भूकंप

Earthquake Breaking: Earth shook early in the morning, people ran out of their homes in fear, earthquake in these states including Bihar, Bengal

Earth Quake: सुबह सुबह लोगों की नींद भूकंप के तेजी झटके से खुली। बिहार, दिल्ली-एनसीआर में आज सुबह भूकंप के झटके (Delhi NCR Earth Quake) महसूस किए गए हैं। जानकारी के मुताबिक बिहार, असम, पश्चिम बंगाल समेत कई जगहों पर धरती कांप गई। भूकंप का केंद्र नेपाल का लोबुचे रहा. रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 7.1 रही।

नेपाल की सीमा के पास तिब्बत में आज तड़के तेज भूकंप आया था. शुरुआती जानकारी के मुताबिक, सुबह 6 बजकर 35 मिनट 16 सेकेंड पर 7.0 तीव्रता का यह भूकंप आया। इसका असर भारत में दिल्ली, बिहार, असम और पश्चिम बंगाल तक देखा गया,हालांकि इस Earthquake का केंद्र नेपाल से 84 किमी उत्तर-पश्चिम में लोबुचे रहा।

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यह करीब 10 किमी की गहराई में दर्ज किया गया । नेपाल के लोबुचे में 7.1 Reactor का भूकंप

बिहार में पटना, मोतिहारी और समस्तीपुर समेत कई जगहों पर धरती हिली। पश्चिम बंगाल में भी भूकंप का असर दिखा।नेपाल में भूकंप का असर असम में भी देखा गया। करीब 5 सेकेंड तक हिली धरती, घर से बाहर लोग निकल गए।बिहार में भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 5.1 मापी गई।

समस्तीपुर, मोतिहारी में समेत कई इलाकों में सुबह 6 बजकर 40 मिनट पर धरती कांपने लगी। जानकारी के मुताबिक करीब 5 सेकेंड तक धरती हिलती रही। भूकंप इतना तेज था कि लोग दहशत की वजह से घरों से बाहर निकलने लगे. अब तक नेपाल से लेकर बिहार और असम तक किसी भी तरह के जान और माल के नुकसान की कई खबर सामने नहीं आई है।

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भूकंप आने की क्या होती है वजह?

पृथ्वी के अंदर सात प्लेट्स मौजूद हैं, जो लगातार घूमती रहती हैं। जिस भी जगह पर ये प्लेट्स ज्यादा टकराती हैं, वह जोन फॉल्ट लाइन कहा जाता है। जब ये प्लेट्स बार-बार टकराती हैं तो इनके कोने मुड़ते हैं। ज्यादा दबाव बनने पर ये प्लेट्स टूटने लगती हैं। नीचे दबी एनर्जी बाहर आने का रास्ता ढूंढती है और डिस्टर्बेंस के बाद भूकंप आता है।

कितनी तीव्रता खतरनाक है भूकंप की?

0 से 1.9 रिक्टर स्केल पर भूकंप सिर्फ सीज्मोग्राफ से पता चलता है
2 से 2.9 रिक्टर स्केल पर भूकंप आने पर हल्का हिलती है
3 से 3.9 रिक्टर स्केल पर भूकंप आने पर ऐसा लगता है कि कोई भारी वाहन नजदीक से गुजरा
4 से 4.9 रिक्टर स्केल पर भूकंप आने पर दीवारों पर कांच की खिड़कियां टूट सकती हैं
5 से 5.9 रिक्टर स्केल पर भूकंप आने पर फर्नीचर हिल-डुल सकता है
6 से 6.9 रिक्टर स्केल पर भूकंप आने पर इमारतों की नींव और ऊपरी मंजिलों को नुकसान पहुंच सकता है।

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