TET को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को सरकार देगी चुनौती, राज्य सरकार ने रिवीजन बेंच में चुनौती देने का लिया फैसला, लाखों शिक्षकों की नौकरी पर लटकी है तलवार..

The government will challenge the Supreme Court's decision regarding TET, the state government has decided to challenge it in the revision bench, the jobs of lakhs of teachers are at stake.

Teacher TET News : शिक्षकों के लिए TET अनिवार्य करने के सुप्रीम कोर्ट के हालिया आदेश ने देशभर के शिक्षकों में खलबली मचा दी है। कोर्ट ने स्पष्ट कहा है कि कक्षा 1 से 8 तक पढ़ाने वाले हर शिक्षक को शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) पास करना अनिवार्य होगा। दावा किया जा रहा है कि इस आदेश से देश के लाखों शिक्षकों की नौकरी पर तलवार लटक जायेगी।

 

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हालांकि उत्तर प्रदेश सरकार ने शिक्षक हित में बड़ा फैसला लिया है। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने इस फैसले को रिवीजन बेंच में चुनौती देने का निर्णय लिया है। दरअसल देशभर में इस समय करीब 50 लाख शिक्षक कक्षा 1 से 8 तक बच्चों को पढ़ा रहे हैं। इन शिक्षकों के लिए सुप्रीम कोर्ट का हालिया फैसला ऐतिहासिक और साथ ही विवादास्पद माना जा रहा है।

 

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सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि शिक्षक की योग्यता पर कोई समझौता संभव नहीं है, और नियुक्ति से लेकर प्रमोशन तक हर स्तर पर TET पास करना जरूरी होगा।उत्तर प्रदेश में करीब 16 लाख शिक्षक इस फैसले से प्रभावित होंगे। इनमें से जो शिक्षक पहले से नौकरी कर रहे हैं और जिनकी सेवा अवधि पांच साल से ज्यादा बची है, उन्हें अगले दो साल में TET पास करना अनिवार्य होगा।

 

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ऐसा न करने पर उनकी नौकरी पर संकट आ सकता है। जिन शिक्षकों की सेवा अवधि पांच साल से कम है, उन्हें राहत जरूर मिलेगी, लेकिन उन्हें प्रमोशन का लाभ नहीं मिलेगा।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद प्रदेशभर में शिक्षक संगठनों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है। शिक्षकों का कहना है कि यह फैसला उन शिक्षकों के अनुभव पर सवाल उठाता है जो 15-20 साल से बच्चों को पढ़ा रहे हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षक अब पढ़ाई कराएं या खुद TET की तैयारी करें? यह बच्चों की शिक्षा पर सीधा असर डालेगा।

 

इस फैसले को लेकर कहा जा रहा है कि लाखों शिक्षक मानसिक तनाव में हैं और इसका असर बच्चों की पढ़ाई पर पड़ रहा है। उन्होंने सरकार से अपील की है कि शिक्षकों के हित में सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दाखिल की जाए।

 

 

योगी आदित्यनाथ सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले को रिवीजन बेंच में चुनौती देने का निर्णय लिया है। यह कदम शिक्षक संगठनों की मांग के बाद उठाया गया है। शिक्षक संगठनों का कहना है कि यह फैसला शिक्षकों के अधिकारों के खिलाफ है और इसे मानवीय दृष्टिकोण से देखा जाना चाहिए।कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया है कि अल्पसंख्यक संस्थानों को संविधान के अनुच्छेद 30 के तहत अपने शिक्षक चुनने का अधिकार है। इस वजह से यह प्रश्न कि क्या अल्पसंख्यक स्कूलों में भी TET अनिवार्य होगा, बड़ी (7 जजों वाली) बेंच को भेज दिया गया है।

 

प्रभाव का दायरा:

केवल उत्तर प्रदेश ही नहीं, मध्य प्रदेश (7 लाख), राजस्थान (8 लाख) और तमिलनाडु (3 लाख) के लाखों शिक्षक इस आदेश से प्रभावित होंगे। तमिलनाडु में शिक्षक संगठनों ने “स्पेशल TET” की मांग की है।

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