झारखंड : JSSC CGL पेपर लीक मामले में गृह विभाग का एक्शन, देवेंद्रनाथ सहित 100 लोगों पर FIR दर्ज

झारखंड हाइकोर्ट ने जेएसएससी सीजीएल परीक्षा 2023 मामले में प्रतिवादी राज्य सरकार, मुख्य सचिव, गृह विभाग के प्रधान सचिव व सदर थाना प्रभारी को प्रार्थियों द्वारा की गयी शिकायत पर तत्काल एफआइआर दर्ज करने का निर्देश दिया है. यानी जेएसएससी सीजीएल परीक्षा में कथित पेपर लीक के आरोपों की जांच अब एफआईआर दर्ज करके की जाएगी.

गृह विभाग के आदेश पर रांची पुलिस इस मामले में एफआईआर दर्ज करेगी, वहीं एफआईआर दर्ज होने के बाद इस केस को सीआईडी के द्वारा टेकओवर कर अनुसंधान किया जाएगा। गुरुवार को गृह विभाग में एफआईआर दर्ज करने संबंधी आदेश पर सहमति बनी। शुक्रवार को विभागीय मंत्री के आदेश के बाद इस संबंध में पत्राचार किया जा सकता है।

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दरअसल, जेएसएससी सीजीएल परीक्षा में प्रकाश सिंह के द्वारा दायर याचिका की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस एमएस रामचंद्र राव व जस्टिस दीपक रोशन ने आदेश दिया था कि परीक्षा में पेपर लीक के मामले में याचिकाकर्ता के द्वारा कराई गई शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज की जाए।

याचिकाकर्ता ने कोर्ट को बताया था कि परीक्षा के बाद 29 सितंबर को उन्होंने रांची पुलिस के समक्ष शिकायत दर्ज कराई थी। मामले की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने आदेश दिया था कि याचिकाकर्ता की शिकायत पर केस दर्ज कर जांच और मामले में की गई कार्रवाई की जानकारी कोर्ट को दें.

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इस मामले पर अब झारखंड गृह विभाग ऐक्शन ले रहा है. पेपर लीक के आरोपों के मामले में पहले ही 100 लोगों पर केस दर्ज किया जा चुका है। इनमें छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो का नाम भी शामिल है.

जेएसएससी सीजीएल परीक्षा रद्द करने की मांग को लेकर हुए प्रदर्शन के मामले में आज  पुलिस ने जेकेएलएम नेता देवेंद्रनाथ महतो सहित 100 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। यह प्रदर्शन जेएसएससी कार्यालय के सामने हुआ था, जहां प्रमाण पत्र जांच कार्यक्रम बाधित करने के दौरान पुलिस ने लाठीचार्च भी किया था.

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नामकुम के सीओ कमल किशोर सिंह की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया है। उन्होंने बताया कि एसडीओ रांची द्वारा लगाई गई निषेधाज्ञा के बावजूद देवेंद्रनाथ महतो के नेतृत्व में प्रदर्शनकारी नामकुम बाजार से जेसएससी कार्यालय की ओर बढ़ने लगे। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों से शांत रहने और नियमों का पालन करने की अपील की। लेकिन भीड़ ने इसे अनदेखा करते हुए उग्र नारेबाजी शुरू कर दी।

प्रदर्शनकारियों ने सरकारी काम में बाधा डालने की कोशिश की और बैरिकेडिंग तोड़ने का प्रयास किया। इस दौरान पुलिसकर्मियों पर हमला हुआ, जिसनें एएसआई संतोष कुमार सहित कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। पुलिस ने सरकारी काम में बाधा, निषेधाज्ञा उल्लंघन और हिंसा के आरोप में देवेंद्रनाथ महतो सहित अन्य प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। मामले की जांच जारी  है और पुलिस ने कहा है कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस के ऑनलाइन एफआईआर सिस्टम में आई शिकायतों के आधार पर पेपर लीक से जुड़ी धाराओं में केस दर्ज किया जाएगा. इसके अलावा मामले की जांच भी की जा रही है, जिसमें सभी पहलुओं को गंभीरता से देखा जा रहा है.

गौरतलब है कि हाईकोर्ट ने जेएसएससी सीजीएल परीक्षै के परिणाम जारी करने पर रोक लगा दी है.

चीफ जस्टिस एमएस रामचंद्र राव व जस्टिस दीपक रोशन की खंडपीठ ने सुनवाई के दौरान पक्ष सुनने के बाद कहा कि जब परीक्षा में कथित पेपर लीक का इतना गंभीर मामला है, तब पिछले तीन महीनों से एफआइआर दर्ज करने और इसकी जांच कराने में प्रतिवादियों की निष्क्रियता के लिए कोई उचित स्पष्टीकरण नहीं दिया गया है. यदि उक्त परीक्षा के परिणाम घोषित होते हैं और प्रतिवादियों द्वारा नियुक्तियां की जाती हैं, तो इससे तीसरे पक्ष के हित पैदा होंगे तथा गंभीर पूर्वाग्रह पैदा होगा. इन परिस्थितियों में हम प्रतिवादी जेएसएससी को निर्देश देते हैं कि वह 21 और 22 सितंबर 2024 को उनके द्वारा आयोजित झारखंड सामान्य स्नातक स्तरीय संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा-2023 का परिणाम अगले आदेश तक घोषित नहीं करे.

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