झारखंड की शमा कैसे बन गयी आतंकियों की लेडी बॉस, पिता की हो चुकी है मौत, मां-भाईयों के साथ 12 साल पहले बैंग्लुरू हुई थी शिफ्ट, आज भी कोडरमा में …जानिये पूरी कहानी..

How Jharkhand's Shama became the lady boss of terrorists, her father has passed away, she shifted to Bangalore with her mother and brothers 12 years ago, still in Koderma... know the whole story..

रांची । खूंखार आतंकी संगठन अल कायदा के टेरर मॉड्यूल को ऑपरेट करने वाली महिला डॉन शमा परवीन को गुजरात एटीएस के हत्थे चढ़ी है। उन्हें कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु से गिरफ्तार कियागया है। शमा की गिरफ्तारी ने कई लोगों को हैरान कर दिया है। झारखंड के कोडरमा की रहने वाली 30 वर्षीय शमा सोशल मीडिया के ज़रिये युवाओं का ब्रेनवॉश कर उन्हें कट्टरपंथ की राह पर धकेल रही थी। वह भारत में AQIS (Al-Qaeda in the Indian Subcontinent) के लिए मुख्य भूमिका निभा रही थी और कई ऑनलाइन टेरर मॉड्यूल को संचालित कर रही थी।

 

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इंस्टाग्राम बना हथियार, शमा बनी ब्रेनवॉश की ‘मास्टरमाइंड’

बताया जा रहा है कि शमा परवीन इंस्टाग्राम के ज़रिये युवाओं को कट्टरपंथी विचारधारा की ओर उकसाती थी। 22 जुलाई 2025 को गिरफ्तार हुए कुछ संदिग्ध आतंकियों के सोशल मीडिया अकाउंट्स की जांच के दौरान इस बात का खुलासा हुआ कि वे शमा के इंस्टा अकाउंट से जुड़े हुए थे, जो हजारों लोगों द्वारा फॉलो किया जा रहा था।DIG सुनील जोशी ने बताया कि वह भारत में धार्मिक उन्माद फैलाने और हिंसा भड़काने की साजिश में लगी थी। 4-5 ऑनलाइन टेरर मॉड्यूल वह खुद हैंडल कर रही थी और पाकिस्तान में मौजूद अल कायदा के आकाओं से लगातार इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के जरिए संपर्क में थी।

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झारखंड के कोडरमा से बेंगलुरु तक फैला नेटवर्क

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गिरफ्तारी के बाद जब एजेंसियों ने शमा परवीन की पृष्ठभूमि खंगाली, तो उसका झारखंड कनेक्शन सामने आया। वह कोडरमा जिले के तिलैया थाना क्षेत्र के असनाबाद की मूल निवासी है। उसका दोमंजिला मकान अब किरायेदारों के पास है, लेकिन उसका किराया शमा खुद ही वसूलती थी। फिलहाल वह अपनी मां और दो भाइयों के साथ करीब 12 साल से बेंगलुरु में रह रही थी।स्थानीय लोगों के मुताबिक, शमा के पिता शमसुल अंसारी का 7 साल पहले निधन हो गया था, जो आरा मिल में मजदूरी करते थे। जैसे ही गिरफ्तारी की खबर फैली, तिलैया में शमा के घर के बाहर लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। पुलिस भी मौके पर पहुंची और घर की तलाशी ली।

 

लेडी बॉस’ की गिरफ्तारी से एजेंसियों को मिली बड़ी सफलता

शमा परवीन की गिरफ्तारी आतंकवाद से लड़ रही एजेंसियों के लिए एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। एक महिला के रूप में उसकी भूमिका, सोशल मीडिया के इस्तेमाल का तरीका और देशभर में फैले टेरर नेटवर्क को संचालित करने की शैली ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है।अब एजेंसियां इस बात की भी जांच कर रही हैं कि भारत में और कितने युवा उसके जाल में फंसे हैं, और किन-किन राज्यों में उसके नेटवर्क के लिंक मौजूद हैं।

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