बिजली-गैस या कूरियर की कॉल आए तो नंबर जरूर देखें! 1601 से शुरू होगा नया सिस्टम, ऐसे पकड़ें असली कॉल

TRAI New Rule: अगर आपके पास बिजली, पानी, गैस या कूरियर कंपनी से फोन आता है तो आने वाले समय में उस कॉल को पहचानना पहले से आसान हो सकता है। भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) ने सेवा और लेनदेन से जुड़ी कॉल के लिए 1601 नंबर सीरीज शुरू करने का फैसला किया है। खास बात यह है कि इस नंबर सीरीज का इस्तेमाल केवल सर्विस और ट्रांजैक्शन से संबंधित कॉल के लिए किया जाएगा।
यानी 1601 नंबर से आने वाली कॉल किसी प्रोडक्ट, ऑफर या विज्ञापन के प्रचार के लिए नहीं होगी। TRAI का यह कदम ग्राहकों को फर्जी कॉल और संभावित फ्रॉड से बचाने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
पहले इन सेवाओं में होगा 1601 नंबर का इस्तेमाल
TRAI के अनुसार, पहले चरण में बिजली, पानी, LPG, शहर गैस, कूरियर और लॉजिस्टिक सेवाओं से जुड़ी पात्र कंपनियों को 1601 नंबर सीरीज में शामिल किया जाएगा।
इसमें बिजली वितरण कंपनियां, जलापूर्ति सेवाएं, शहर गैस वितरण कंपनियां और LPG डिस्ट्रीब्यूटर शामिल होंगे। इसके अलावा कूरियर, एक्सप्रेस लॉजिस्टिक, पार्सल डिलीवरी और माल ढुलाई से जुड़ी पात्र कंपनियां भी इस सीरीज का इस्तेमाल कर सकेंगी।
1600 और 1601 नंबर में क्या है अंतर?
अभी 1600 नंबर सीरीज का इस्तेमाल बैंकिंग, वित्तीय सेवाओं, बीमा कंपनियों और सरकारी संस्थाओं की सेवा एवं लेनदेन से जुड़ी कॉल के लिए किया जाता है।
इनमें बैंकिंग ट्रांजैक्शन की पुष्टि, बीमा संबंधी जानकारी और फ्रॉड अलर्ट जैसी महत्वपूर्ण सूचनाएं शामिल हो सकती हैं। अब अन्य पात्र क्षेत्रों के लिए 1601 सीरीज शुरू की जा रही है।
इससे ग्राहकों के लिए यह समझना आसान होगा कि किसी संस्था की सर्विस या ट्रांजैक्शन से जुड़ी कॉल किस नंबर सीरीज से आ सकती है।
सबसे खास बात- 1601 से नहीं होगी प्रमोशनल कॉल
TRAI ने 1601 नंबर के इस्तेमाल को लेकर नियम स्पष्ट कर दिए हैं। इस सीरीज से केवल सेवा और लेनदेन संबंधी जानकारी दी जा सकेगी।
किसी प्रोडक्ट, सर्विस या ऑफर के प्रचार के लिए 1601 नंबर का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा। वहीं, रजिस्टर्ड संस्थाओं की प्रमोशनल कॉल के लिए 140 नंबर सीरीज का इस्तेमाल किया जाता है।
इस तरह 140, 1600 और 1601 नंबर सीरीज के लिए अलग-अलग उद्देश्य तय किए गए हैं।
कंपनियों की पात्रता की होगी जांच
1601 नंबर हर कंपनी को नहीं मिलेगा। पात्र कंपनियों को नंबर देने से पहले टेलीकॉम सर्विस प्रोवाइडर्स (TSPs) संबंधित कंपनी की पात्रता की जांच करेंगे।
कंपनियों से लिखित आश्वासन भी लिया जाएगा कि वे 1601 नंबर का इस्तेमाल सिर्फ सेवा और लेनदेन से जुड़ी कॉल के लिए करेंगी। TRAI के मुताबिक, यह नंबर किसी बिचौलिये या एग्रीगेटर को नहीं दिया जाएगा।
90 दिनों के अंदर पूरा होगा रजिस्ट्रेशन
TRAI ने टेलीकॉम कंपनियों को निर्देश दिया है कि पहले चरण में शामिल पात्र कंपनियों का 1601 नंबर पर रजिस्ट्रेशन और ट्रांजिशन 90 दिनों के भीतर पूरा किया जाए।
फर्जी कॉल और साइबर फ्रॉड पर लग सकती है लगाम
1601 नंबर सीरीज शुरू करने का एक बड़ा उद्देश्य ग्राहकों के लिए वास्तविक सेवा प्रदाता की कॉल पहचानना आसान बनाना भी है।
फिलहाल जालसाज सामान्य 10 अंकों वाले मोबाइल नंबरों से फोन करके खुद को बैंक, बिजली कंपनी, गैस एजेंसी या किसी अन्य सर्विस का कर्मचारी बताते हैं। ऐसे में 1601 जैसी अलग नंबर सीरीज ग्राहकों को कॉल की पहचान करने में मदद कर सकती है और फर्जी कॉल के जरिए होने वाले फ्रॉड को कम करने में भूमिका निभा सकती है।











