सीएम सम्राट चौधरी की दिल्ली में अमित शाह से अहम मुलाकात, बीजेपी-जेडीयू में सीट बंटवारे पर बन सकती है सहमति


बिहार की राजनीति इस वक्त बड़े फैसले के मुहाने पर खड़ी है। राज्य में लंबे समय से लंबित कैबिनेट विस्तार को लेकर हलचल तेज हो गई है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राजधानी दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की, जिसे इस पूरे घटनाक्रम का निर्णायक मोड़ माना जा रहा है।

सूत्रों के मुताबिक, बिहार कैबिनेट विस्तार को लेकर बीजेपी और जेडीयू के बीच 15-15 के फॉर्मूले पर सहमति बन सकती है। इस फॉर्मूले के तहत भाजपा के करीब 13 और जेडीयू के 12 मंत्री बनाए जा सकते हैं। इसके अलावा सहयोगी दलों—लोजपा (रामविलास), हम और रालोमो—को भी मंत्रिमंडल में प्रतिनिधित्व मिलने की संभावना जताई जा रही है।

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दिल्ली दौरे से पहले सीएम सम्राट चौधरी ने पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से भी मुलाकात की थी। इस मुलाकात को कैबिनेट विस्तार की रणनीति का अहम हिस्सा माना जा रहा है। वहीं जेडीयू कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा और भाजपा नेता नितिन नवीन के बीच भी बातचीत हो चुकी है, जिससे सियासी हलचल और तेज हो गई है।

इसी दौरान सीएम सम्राट चौधरी ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से भी मुलाकात की। उन्होंने सोशल मीडिया पर जानकारी देते हुए बताया कि “विकसित बिहार” के विजन को लेकर अहम चर्चा हुई है। इसके अलावा अन्य केंद्रीय नेताओं से भी लगातार बैठकें जारी हैं।

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2 मई को जेडीयू के वरिष्ठ नेता अशोक चौधरी के आवास पर हुई बैठक भी काफी अहम मानी जा रही है, जिसमें नीतीश कुमार और डिप्टी सीएम विजय कुमार चौधरी भी मौजूद रहे। इस बैठक में कैबिनेट विस्तार और मौजूदा राजनीतिक समीकरणों पर विस्तार से चर्चा हुई।

गौरतलब है कि नए मुख्यमंत्री के चयन के बाद से ही बिहार में कैबिनेट विस्तार लंबित है, जिससे प्रशासनिक कामकाज भी प्रभावित हो रहा है। ऐसे में अब दिल्ली में हो रही लगातार बैठकों को अंतिम रूप देने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।

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संभावना जताई जा रही है कि पश्चिम बंगाल चुनाव परिणाम के बाद किसी भी समय नई कैबिनेट की घोषणा की जा सकती है। फिलहाल सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या सच में 15-15 का फॉर्मूला लागू होगा या फिर आखिरी वक्त में कोई नया सियासी मोड़ सामने आएगा।

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