दारोगा की थाने में शादी : इश्क के बाद बेवफा बने दारोगा को प्रेमिका ने सिखाया सबक, थाने में ही सजा मंडप, पुलिसवालों ने बाराती बन करायी शादी, जानें पूरा मामला

भागलपुर। एक तरह दारोगा को SC-ST थाने में सेहरा पहनाया गया…तो, दूसरी तरफ दुल्हन को महिला थाने में लाल जोड़ा पहनाया गया, फिर थाने में ही शहनाई बजी, पुलिसवाले ही घराती और बाराती बने और दारोगा बाबू की करा दी गयी शादी। पूरा मामला आशिकी और बेवफाई का था, लिहाजा शादी के पहले दारोगा जी ने खूब नाज नखरे भी दिखाये, लेकिन प्रेमिका की जिद ऐसी थी, कि अगर शादी के लिए दारोगा तैयार नहीं होते, जेल की हवा खानी पड़ जाती। ऐसे में दारोगा ने शादी करना ही उचित समझा। प्रेमी मुजफ्फरपुर में सब इंस्पेक्टर के पद पर कार्यरत हैं।
मामला भागलपुर एकचारी के टपुआ गांव का है, रुदल पासवान के 32 साल के बेटे मनोज कुमार उर्फ गौरव कुमार का अपने ही गांव की रहने वाली जमुनी मंडल की 20 साल की बेटी वंदना कुमारी से अफेयर था। बाद में गौरव अंतरजातीय विवाह का बहाना बनाकर शादी से इनकार कर रहा था। अफेयर के बाद दारोगा ने प्रेमिका से बेवफाई की, तो तिलमिलाई प्रेमिका सीधे SP के पास पहुंच गयी और दारोगा के खिलाफ यौन शोषण का मामला दर्ज करा दिया। महिला थाने में मामला दर्ज करते ही दारोगा तलब किया गया, जिसके बाद पुलिसकर्मियों ने दारोगा को समझाया कि अगर वो शादी नहीं करेगा, तो उसकी गिरफ्तारी की जायेगी।
गिरफ्तारी और फिर नौकरी जाने के डर से दारोगा ने शादी के लिए हामी भर दी। जिसके बाद थाने में मंडप सजायी गयी, शहनाई बजी और बारात आयी। दुल्हे को एससी-एसटी थाने में सेहरा पहनाया गया, तो दूसरी तरफ दुल्हन को महिला थाने में सजाया गया। फिर थाने में ही शादी हो गयी। पुलिसवाले ही घराती भी बने और बाराती भी।
शादी के बाद बड़े बुजुर्ग पुलिसवालों ने नवविवाहित जोड़े को आशीर्वाद दिया और शगुन के पैसे भी दिये। लड़के के पिता की शादी को लेकर रजामंदी नहीं थी। हालांकि घंटों समझाने के बाद सब-इंस्पेक्टर माने और शादी विधिवत हुई।











