झारखंड: एक आदेश ने स्वास्थ्य विभाग में मचा दिया हड़कंप, दागी कर्मचारियों की होगी छुट्टी, एक सप्ताह में कुंडली होगी तैयार

Jharkhand: An order created a stir in the health department, tainted employees will be discharged, horoscope will be ready in a week.

Ranchi: स्वास्थ्य विभाग के एक आदेश ने राज्य भर में सनसनी फैला दी है। स्वास्थ्य विभाग के निदेशक प्रमुख ने सभी सिविल सर्जन को पत्र लिख कर एक जानकारी मांगी है, जिसके बाद विभाग में हड़कंप मच गया है।

झारखंड स्वास्थ्य निदेशालय ने भ्रष्ट कर्मचारियों की पहचान के लिए कार्रवाई शुरू कर दी है। स्वास्थ्य विभाग के निदेशक प्रमुख डॉ. सीके शाही ने सभी मेडिकल कॉलेज के अधीक्षक, धनबाद ,बोकारो सहित सभी जिलों के सिविल सर्जन को पत्र लिखकर भ्रष्टाचार में संलिप्त कर्मचारियों की सूची मांगी है।

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दागी कर्मियों को बचाने वाले अधिकारी पर भी होगी कारवाई

निदेशक प्रमुख ने जारी पत्र में कहा है कि उन अधीक्षकों अथवा सिविल सर्जनों पर भी कार्रवाई होगी, जो दागी अथवा भ्रष्टाचारी क्लर्क को बचाएंगे। इसके लिए ऐसे पदाधिकारी पर अलग से कार्रवाई होगी।मतलब साफ है कि सिविल सर्जन और जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा भेजे पत्र की भी निदेशक प्रमुख जांच करा सकते हैं।

धनबाद में हुई है काफी किरकिरी

हाल के दिनों में जिस तरह से एक से बढ़कर एक आरोप धनबाद जिले के सिविल सर्जन कार्यालय पर लगा है वो काफी शर्मनाक है। ट्रांसफर पोस्टिंग में 1 लाख, ANM सर्टिफिकेट में 5000 रुपए, चौकीदार अभ्यर्थियों को मेडिकल फिटनेस देने में घूस की शिकायत ने विभाग की खूब फजीहत कराई।

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जिस पर चल रही जांच उसे दिया अहम विभाग

धनबाद जिले का सिविल सर्जन कार्यालय भ्रष्टाचार का अड्डा बना हुआ है। इस कार्यालय में नियुक्त/ प्रतिनियुक्त कई क्लर्क पर गंभीर आरोप है। पूर्व में भी कई आरोपी क्लर्क बिना कोई कारवाई के सेवानिवृत्त हो चुके है और अब वर्तमान में भी ऐसे लिपिक नियुक्त हैं।

आय से अधिक संपत्ति सहित कई गंभीर आरोप की चल रहे जांच के वावजूद आरोपी लिपिक को स्थापना की जिम्मेदारी दी जा रही है।हाल के दिनों में ट्रांसफर पोस्टिंग में घूस , मेडिकल फिटनेस और पास आउट ANM को सर्टिफिकेट के बदले पैसे की मांग ने विभाग में खलबली मचा दी।

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7 दिनों के अंदर होगी कारवाई

निदेशक प्रमुख ने सीधे तौर पर सात दिनों के अंदर दागी क्लर्क की रिपोर्ट स्वास्थ्य निदेशालय को समर्पित करने को कहा है। स्वास्थ्य विभाग में कई ऐसे क्लर्क हैं, जिन पर विभिन्न प्रकार के आरोप लग रहे हैं। कई पर भ्रष्टाचार के तहत जांच भी चल रही है।

स्वास्थ्य कर्मियों में मचा हड़कंप

निदेशक प्रमुख की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि वैसे सिविल सर्जन पर भी कार्रवाई होगी, जो दागी और भ्रष्टाचार लिप्त कर्मचारी को बचाएंगे।

इधर, निदेशक प्रमुख के फरमान से भ्रष्टाचार में लिप्त स्वास्थ्य कर्मियों में हड़कंप मच गया है। वैसे कर्मचारी इस फरमान की जद में आने से बचने की तैयारी में जुट गए हैं।

दागी कर्मचारियों की बनाई जा रही सूची

स्वास्थ्य विभाग में राज्य स्तर पर दागी कर्मचारियों की सूची बनाई जा रही है। वैसे क्लर्क, हेड क्लर्क समेत अन्य क्लर्क जो लंबे समय से एक ही जगह पर स्थापित अथवा प्रतिनियुक्ति हैं, उनकी भी सूची बनाई जा रही है। इसके अलावा जिन पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं, उसकी अप टू डेट स्थिति भी मांगी गई है।

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