झारखंड : ASI को गोली मारने वाला पुलिस जवान काफी मशक्कत के बाद गिरफ्तार, CRPF और पुलिस टीम को लगे 12 घंटे, जानिए क्यों चलाई गोली, क्या है मामला

jharkhand : ASI ko goli marne wala police javaan kafi mashakkat ke baad giraphtaar, crpf aur police teem ko lage 12 ghante, janie kyon chalai goli, kya hai mamla
लोहरदगा। झारखंड के लोहरदगा में 5 जून (बुधवार) की देर रात पुलिस जवान को गोली मारने वाले आरोपी सिपाही को आखिरकार पुलिस ने अपनी कस्टडी में ले लिया. वहीं मृतक ASI धर्मेन्द्र सिंह के शव को पोस्टमार्टम के बाद परिजन को शव सौंप दिया।
शव को दी गई सलामी
पुलिस जवान के पकड़े जाने के बाद मृतक असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर धर्मेंद्र सिंह को न्यू पुलिस लाइन में शोक सलामी दी. इसके बाद शव को परिजनों को सौंपा. इस घटना को लेकर परिजन काफी ज्यादा आक्रोशित हैं. आरोपी जवान आनंद सिंह मुंडा को आत्मसमर्पण कराने और पकड़ने को लेकर पुलिस और सीआरपीएफ की टीम को करीब 12 घंटे लग गए.
कैसे हुई घटना
बुधवार की रात करीब 9:00 बजे आरोपी जवान अपनी पत्नी और बच्चों को घर में बंद कर दिया. जिसके बाद उसकी पत्नी ने उसी बिल्डिंग में रहने वाले अन्य पुलिसकर्मियों को इसकी सूचना दी और उन्हें बाहर निकालने का अनुरोध किया. जब धर्मेंद्र सिंह और अन्य पुलिसकर्मी उसकी पत्नी को वहां से बाहर निकाल रहे थे, तभी पुलिस जवान आनंद सिंह मुंडा ने धर्मेंद्र सिंह को गोली मार दी. जिससे धर्मेंद्र सिंह की मौके पर ही मौत हो गई.
कुछ दिन पहले ही उसकी बेटी, बेटा और पत्नी गर्मी की छुट्टी में वहां आए थे. इस दौरान आनंद सिंह मुंडा चुनाव ड्यूटी के लिए गिरिडीह, दुमका, बोकारो, लोहरदगा चले गए. जहां से वह वापस लौटे. आनंद सिंह ने अपनी सर्विस राइफल भी जमा नहीं की थी.
पुलिस ने किया गिरफ्तार
इसके बाद पुलिस जवान रात भर इंसास बंदूक लेकर अपने कमरे में घूमता रहा और अपने को बंद कर लिया, साथ ही कमरे से फायरिंग भी करता रहा। मामले की गंभीरता देख सीआरपीएफ की टीम को भी बुलाया गया। सीआरपीएफ और जिला पुलिस की टीम रात भर उसे बाहर निकालने का प्रयास करती रही. लेकिन वह बाहर आने को तैयार नहीं था. गुरुवार की सुबह उसे गिरफ्तार कर लिया. जिसके बाद पुलिस ने राहत की सांस ली.
रांची का रहने वाला है जवान
रांची जिला के सोनाहातू थाना क्षेत्र के बिरडीह गांव निवासी आरोपी आनंद सिंह मुंडा लोहरदगा शहरी क्षेत्र के एसपी कोठी के पीछे किराए के मकान में रहता था. आनंद सिंह ने मूल रूप से बिहार के पटना के फतेहपुर अलावलपुर के रहने वाले असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर को गोली मार दी थी. जिससे तत्काल धर्मेंद्र सिंह की मौत हो गई.
जवान को पकड़ने और आत्मसमर्पण करने को लेकर पुलिस की टीम को रबर बुलेट से हवाई फायर भी करना पड़ा. पूरे इलाके को सीआरपीएफ की टीम ने घेर कर रखा था. वहीं, जवान को पकड़ने में उनकी पत्नी का भी काफी महत्वपूर्ण योगदान रहा. उसने अपने पति को कई घंटे तक समझाने की कोशिश की.
क्या कहते हैं SP
SP हारिस ने बताया कि पुलिस ने गुरुवार की सुबह कमरे में प्रवेश किया और आरोपी पुलिसकर्मी मुंडा को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस अधीक्षक ने बताया कि मृतक एएसआई धर्मेंद्र सिंह की लाश को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया और बाद में परिजनों को सौंप दिया गया है.
पुलिस अधीक्षक हारिस बिन जमान ने बताया कि इस संबंध में पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है. घटना के पीछे के सटीक कारण का पता लगाने के लिए आगे की जांच जारी है. आरोपी से भी पूछताछ जारी है. उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी की जा रही है.












