झारखंड: भाजपा को लगा तगड़ा झटका, ताला मरांडी ने दिया पार्टी से इस्तीफा, झामुमो में होंगे शामिल

Jharkhand: BJP gets a big blow, Tala Marandi resigns from the party, will join JMM

Tala Marandi Resign: भाजपा को बड़ा झटका लगने जा रहा है। नाराज चल रहे BJP के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष ताला मरांडी ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। जानकारी के मुताबिक वो थोड़ी देर में झारखंड मुक्ति मोर्चा का दामन थामेंगे। बतायाजा रहा है कि ताला मरांडी भोगनाडीह में मुख्यमंत्री की मौजूदगी में झामुमो ज्वाइन करेंगे।

 

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भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी को लिखे पत्र में ताला मरांडी ने कहा है कि मैं, ताला मरांडी, भारतीय जनता पार्टी का एक समर्पित सदस्य रहा हूँ. पार्टी द्वारा दिए गए अवसरों के लिए मैं आभार प्रकट करता हूँ।

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वर्तमान परिस्थितियों, व्यक्तिगत कारणों एवं वैचारिक मतभेदों के चलते मैंने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता तथा सभी पदों से त्यागपत्र देने का निर्णय लिया हूं. मेरा यह निर्णय गहन विचार-विमर्श के पश्चात लिया गया है और इसमें किसी प्रकार की दुर्भावना नहीं है. कृपया मेरे त्यागपत्र को स्वीकार करते हुए मुझे मुक्त किया जाए. आपके सहयोग हेतु पुनः धन्यवाद.

 

 

जानिये कौन हैं ताला मरांडी

ताला मरांडी, झारखंड के संथाल परगना क्षेत्र के एक प्रभावशाली आदिवासी नेता हैं। वो दो बार बोरियो विधानसभा क्षेत्र से विधायक रह चुके हैं। वे पूर्व में कांग्रेस से जुड़े रहे, बाद में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हुए और पार्टी के एक प्रमुख नेता के रूप में उभरे। हाल ही में, 2024 के लोकसभा चुनाव में राजमहल से भाजपा प्रत्याशी के रूप में उन्होंने चुनाव लड़ा, लेकिन हार का सामना करना पड़ा।

 

ताला मरांडी झारखंड की राजनीति में एक चर्चित और समर्पित आदिवासी नेता के रूप में जाने जाते हैं। वे झारखंड विधानसभा के सदस्य रह चुके हैं और लंबे समय से सामाजिक एवं राजनीतिक क्षेत्र में सक्रिय हैं। मरांडी साहेबगंज जिले के बोरियो विधानसभा क्षेत्र से वर्ष 2005-2009 और पुनः 2014-2019 तक दो बार विधायक रहे।

 

मरांडी की राजनीतिक यात्रा की शुरुआत कांग्रेस पार्टी से हुई थी। वर्ष 2000 में उन्होंने कांग्रेस के टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़ा, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली। इसके बाद उन्होंने 2003 में भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया और 2005 के चुनाव में पहली बार भाजपा के टिकट पर बोरियो से विधायक निर्वाचित हुए। हालांकि, 2009 के विधानसभा चुनाव में उन्हें झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के नेता लोबिन हेम्ब्रोम से हार का सामना करना पड़ा।

 

राजनीतिक अनुभव और संगठनात्मक क्षमता के कारण वे भाजपा की कार्यकारी समिति के सदस्य बनाए गए। वर्ष 2024 में, ताला मरांडी ने राजमहल लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा के प्रत्याशी के रूप में आम चुनाव में हिस्सा लिया। हालांकि इस बार भी किस्मत ने साथ नहीं दिया और उन्हें झामुमो के प्रत्याशी विजय कुमार हंसदा ने 1,78,264 मतों के भारी अंतर से पराजित किया। इस हार के बावजूद, ताला मरांडी की राजनीतिक पकड़ और उनकी सामाजिक सेवाएं उन्हें संथाल परगना और झारखंड की राजनीति में एक अहम चेहरा बनाए रखती हैं।

 

शिक्षा के क्षेत्र में भी वे एक उदाहरण प्रस्तुत करते हैं। उन्होंने तिलका मांझी भागलपुर विश्वविद्यालय से वाणिज्य में स्नातक की डिग्री प्राप्त की है। वे गोड्डा जिले में वर्षों से सामाजिक कार्यों में सक्रिय हैं ।

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