झारखंड कैबिनेट का बड़ा फैसला: शराब की कीमतों में बदलाव, जानिए कौन सी शराब महंगी और कौन सी सस्ती हुई

Jharkhand cabinet's big decision: Change in liquor prices, know which liquor became expensive and which became cheaper

हेमंत सरकार ने गुरुवार को नई शराब नीति को स्वीकृति दे दी है. कैबिनेट की बैठक में यह फैसला लिया गया है. सवाल है कि नई शराब नीति में क्या प्रावधान किए गये हैं. अब थोक शराब बिक्री का अधिकार किसके पास होगा. कौन सी शराब कम कीमत पर मिलेगी और किसकी कीमतों में इजाफा होगा.

1 मई से लागू होगी नई नीति

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हेमंत कैबिनेट ने झारखंड उत्पाद नियमावली 2025 के गठन को मंजूरी दी है. नई नीति लागू होने से पहले की तरह खुदरा शराब व्यवसायी भी शराब बेच सकेंगे. होलसेल बिक्री का अधिकार राज्य सरकार के पास होगा. 1 मई से से लागू नई शराब नीति में 1 जिले में एक व्यक्ति को अधिकतम 12 दुकानों का आवंटन मिलेगा. इनका आवंटन लॉटरी के जरिये होगा. कैबिनेट सचिव वंदना डाडेल का का दावा है कि नई शराब नीति से दुकानों के संचालन में पारदर्शिता आयेगी.

उत्पाद सचिव मनोज कुमार ने क्या बताया?

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वहीं उत्पाद सचिव मनोज कुमार ने बताया कि झारखंड में शराब की खुदरा और होलसेल बिक्री बेवरेज कॉरपोरेशन कर रहा था. पर अब इसमें बदलाव किया गया है. एक व्यक्ति या फर्म को किसी जिले में अधिकतम किसी जिले में 4 ग्रुप की दुकानें आवंटित की जाएगी क्योंकि एक व्यक्ति को जिले में अधिकतम 4 समूह मिल सकते हैं.

वह चार से अधिक जिलों में दुकान नहीं ले सकता. ऐसे में एक जिले में किसी व्यक्ति को अधिकतम 12 दुकानें मिलेगी. उत्पाद आयुक्त ने कहा कि जुलाई से पहले निजी क्षेत्र में दुकानों को देने का काम पूरा कर लिए जाने की संभावना है.

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शराब की किमतो को लेकर क्या कहा?

इसके अलावा मनोज कुमार ने शराब की कीमतों के बारे में संकेत दिया कि कुछ ब्रांड के दामों में मामूली वृद्धि हो सकती है. 500 ब्रांड में से करीब 300 की कीमतों में 5 से 10 रुपये की बढ़ोतरी हो सकती है. वहीं कुछ ब्रांड की कीमतें स्थिर रह सकती है. जबकि अन्य में कमी हो सकती है.

बता दें कि राज्य सरकार ने आयातित शराब में उत्पाद राजस्व कम किए जान से बिक्री में 250 प्रतिशत बढ़ोतरी का अनुमान रखा है. वहीं बीयर के दामों में 10 रुपये तक की आंशिक बढ़ोतरी की संभावना है. राज्य सरकार ने देसी शराब की बिक्री बढ़ाने के लिए उत्पाद राजस्व दर को कम किया है.

दर कम किए जाने से देसी शराब की कीमत अब अवैध तरीके से बेचे जाने वाले महुला चुलाई शराब के समान होगी. सरकार के आकलन के अनुसार, देसी शराब की बिक्री में 500 प्रतिशत तक बढ़ोतरी संभव है.
बहरहालस उत्पाद सचिव मनोज कुमार ने यह भी बताया कि पूरे राज्य में एक व्यक्ति या उसके फार्म को अधिकतम 36 दुकाने मिलेगी.

अभी राज्य में शराब की 1453 दुकान है. वहीं नई उत्पादन नीति लागू होने के बाद इन शराब दुकानों का आवंटन लॉटरी के जारिए से किया जाएगा.

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