NHM घोटाला में ईडी की रेड: 7 करोड़ गबन करने वाले पूर्व NHM कर्मी व कोयला कारोबारी के घर छापेमारी

धनबाद।क्या आपने कभी सुना है महज 8- 10 हजार रुपए मासिक मानदेय पर काम करने वाला संविदाकर्मी 7 करोड़ का गबन कर गायब हो गया। उसके खिलाफ फाइल धूल फांकने लगी। परंतु ये सच है की एनएचएम के फंड से अनुबंध पर कार्यरत एक लेखा प्रबंधक अवैध तरीके से 7 करोड़ का गबन कर लिया। जिसकी आंच जिले के दो दो सिविल सर्जन पर लगी। आज ईडी ने उसी मामले में छापेमारी की।
जिले के कोयला कारोबारी सह पूर्व एनआरएचएम कर्मी प्रमोद कुमार सिंह के घर करीब 14 से 15 घंटे तक ईडी की छापेमारी की. इस छापेमारी के दौरान कई महत्वपूर्ण कागजात जप्त कर अपने साथ ले गई. वहीं सूत्रों का कहना है की टीम ने कारोबारी प्रमोद कुमार सिंह को विरासत में लेकर अपने साथ ले गई। ताज्जुब की बात तो ये है की 2016 से मामला उजागर होने के वावजूद प्रमोद सिंह धनबाद में ही रहकर कोयला कारोबार करता रहा परंतु उसके खिलाफ कारवाई नही हो पाई।
पद का दुरुपयोग कर राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन (एनआरएचएम) निधि के छह करोड़ 97 लाख 43 हजार 832 रुपये के गबन मामले के आरोपित प्रमोद कुमार सिंह व उनके सहयोगियों से जुड़े छह ठिकानों पर गुरुवार की सुबह से ही ईडी की छापेमारी चल रही है। इस छापेमारी में ईडी को गबन से संबंधित दस्तावेज व गबन की राशि से खरीदे गए वाहन मिले हैं। इन्हें जब्त करने की कार्रवाई चल रही है।
बताया जाता है कि प्रमोद कुमार सिंह का एनआरएचएम में करोड रुपए के घोटाले का नाम आया था. जिसके बाद एसीबी की टीम ने छापेमारी की थी. जिसमें आलीशान मकान और महंगी गाड़ियां के साथ प्रमोद के कई जमीन और अन्य चल अचल संपत्ति का खुलासा हुआ था. ईडी ने इस घोटाले और आय से अधिक संपत्ति मामले में आज गुरुवार को छापेमारी हुई है.
प्रमोद कुमार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) झरिया के तत्कालीन बैंक खाता प्रबंधक थे, जिनपर एनआरएचएम के विभिन्न कार्यक्रमों के एवज में आवंटित उक्त फंड के गबन का आरोप है।नवंबर 2008 से मार्च 2016 तक पदस्थापित रहे। वर्ष 2008 से 2012 तक वह सिर्फ कैशबुक व रजिस्टर ही मेंटेन करते थे, लेकिन अप्रैल 2012 में उन्हें खातों से जुड़ा हुआ काम दे दिया गया।
कोयला कारोबारी प्रमोद सिंह के कई ठिकानों पर ईडी की छापेमारी चल रही है. धनबाद के सरायढेला थाना क्षेत्र के सहयोगी नगर फेज 3 स्थित प्रमोद सिंह के आवास पर अहले सुबह से ईडी की टीम छापेमारी कर रही है. प्रमोद सिंह पर आय से अधिक संपत्ति मामले को लेकर छापेमारी चल रही है. पूर्व में स्वास्थ्य विभाग में संविदा कर्मी रहते प्रमोद सिंह ने करोड़ों का घपला किया था. इसके अलावा अश्वनी शर्मा के घर पर भी ईडी की टीम ने दबिश दी है. धनबाद में प्रमोद सिंह के घर पर हुई ईडी की छापेमारी से अश्वनी शर्मा के तार जुड़े हैं.
सात करोड़ रुपये के एनआरएचएम घोटाले की खबर मीडिया प्रकाशित हुई थी. इसमें बताया गया था कि इस घोटाले के एक आरोपित अश्विनी शर्मा को स्वास्थ्य विभाग ने दोबारा नौकरी पर रख लिया है. खबर प्रकाशित होने के बाद स्वास्थ्य विभाग हरकत में आ गया और आरोपित कर्मी अश्विनी शर्मा को नौकरी से हटा दिया.
सूत्र बताते हैं की इतना बड़ा गबन बिना किसी पदाधिकारी के मिलीभगत से संभव नहीं। प्रमोद सिंह का रसूख ऐसा था की सिविल सर्जन कार्यालय के बाबू से लेकर पदाधिकारी तक उस संविदाकर्मी के आगेपीछे करते थे।
Ed की छापेमारी वर्ष 2011-12 में हुए स्वास्थ्य मिशन घोटाला से संबंधित है. ईडी की टीमों ने प्रमोद सिंह, रवींद्र सिंह, अश्विनी कुमार, दिव्य प्रकाश और अजीत सिंह के ठिकानों पर छापेमारी की है. प्रमोद सिंह के सरायढेला के सावलपुर स्थित सहयोगी नगर सेक्टर-3 स्थित ठिकाने पर छापेमारी की कार्रवाई शुरू की. बाद में कोयला कारोबारी प्रमोद सिंह के पिता के रघुनाथ नगर स्थित ठिकाने और नूतनडीह कॉलोनी में रहने वाले एक बर्खास्त सिपाही के यहां छापेमारी की.












