झारखंड: मंत्री शिल्पी नेहा ने अधिकारियों पर फिर जतायी नाराजगी, कह दी ये बड़ी बात..आपलोगों की वजह से ही विभाग अपने …

Jharkhand: Minister Shilpi Neha again expressed her displeasure on the officials, said this big thing...it is because of you that the department...

Minister Shilpi Neha Tirki । मंत्री बनने के बाद से कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की की अफसरों पर कई दफा नाराजगी झलकी है। विभागों कामों में सुस्ती, कामों में लापरवाही व अनियमितता मामले में वो अधिकारियों को कई बार चेता चुकी है। एक बार फिर उन्होंने समीक्षा बैठक में तीखी नाराजगी दिखायी है।

 

ये खबर भी पढ़ें…
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

 

मंत्री शिल्पी ने भूमि संरक्षण विभाग की ओर से संचालित योजनाओं के क्रियान्वयन में सुस्ती पर नाराजगी जताई है। उन्होंने भूमि संरक्षण विभाग के पदाधिकारियों को अगले दो दिनों में क्षेत्र के विधायकों से मिलकर योजना की जानकारी देने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि विभागीय अधिकारियों की सुस्ती की वजह से विभाग अपने लक्ष्य को हासिल नहीं कर पा रहा है।

ये खबर भी पढ़ें…
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

 

 

ये खबर भी पढ़ें…
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

उन्होंने विभाग द्वारा लाभुकों के लिए संचालित तालाब निर्माण, डीप बोरिंग योजना, ट्रैक्टर खरीद, कृषि संयंत्र का अपेक्षित लाभ नहीं दिया है। जितनी संख्या में आवेदन का अनुमोदन होना चाहिए, उस लक्ष्य से पांच जिले काफी पीछे है। मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की शनिवार को नेपाल हाउस के एनआइसी सभागार में भूमि संरक्षण की योजनाओं की ऑनलाइन समीक्षा कर रहीं थी।

 

 

उन्होंने इस बात को लेकर नाराजगी जताई कि जिलास्तर पर खाली पद को भरा गया है फिर भी बेहतर प्रदर्शन नहीं हो रहा है। अगर पदाधिकारियों के रहने और नहीं रहने से काम पर कोई असर नहीं पड़ रहा है, तो उन्हें सोचने की जरूरत है। विभागीय अधिकारी कार्य संस्कृति में बदलाव लाए और काम को गति दें।

 

 

समीक्षा के दौरान रांची, खूंटी, धनबाद, गुमला और देवघर जिले में संचालित योजनाओं की सुस्ती की बात सामने आई। मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि विभाग को लाभुकों तक सही जानकारी और समय के साथ योजनाओं को पहुंचना चाहिए। योजना का लाभ लेने से संबंधित फार्म जिला मुख्यालय के साथ-साथ प्रखंड कार्यालय में भी उपलब्ध रहना चाहिए।

 

विधायकों को भी योजना से संबंधित फार्म उपलब्ध कराए जाए, ताकि जरूरत मंद किसानों को लाभ मिल सके। किसानों के साथ बेहतर सामंजस्य बनाकर ही विभाग की योजना को धरातल पर उतारा जा सकता है।मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि राज्य स्तर पर भूमि संरक्षण विभाग के द्वारा संचालित योजनाओं की निगरानी जरूरी है।

 

उन्होंने हर माह निदेशालय स्तर पर योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट की समीक्षा करने का निर्देश दिया है।भूमि संरक्षण विभाग के निदेशक को तीन से चार दिन में जिलास्तर पर रिपोर्ट लेने का निर्देश दिया गया है। मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि भूमि संरक्षण विभाग द्वारा संचालित योजनाओं का आवेदन और उसका अनुमोदन करते हुए 31 जनवरी तक योजना की प्रगति की रिपोर्ट प्रस्तुत किया जाए।

Related Articles

close