झारखंड: रजिस्ट्रार की पीट-पीटकर हत्या, जमीन विवाद में ईंट-पत्थर और लाठी से हमले का आरोप, पुलिस ने छह लोगों को हिरासत में लिया

Jharkhand: Registrar beaten to death; attack involving bricks, stones, and sticks alleged amidst a land dispute; police have detained six people.

Jharkhand Big News। झारखंड से एक बड़ी खबर आ रही है। रजिस्ट्रार पर हमला कर उसकी हत्या कर दी गयी है। बताया जा रहा है कि जमीन विवाद में ये पूरी वारदात हुई है। मिली जानकारी के मुताबिक झारखंड के रामगढ़ जिले में जमीन विवाद ने मंगलवार को खूनी रूप ले लिया। गिरिडीह में पदस्थापित रजिस्ट्रार बालेश्वर पटेल की कथित तौर पर एक परिवार के लोगों ने ईंट, पत्थर और लाठी से हमला कर हत्या कर दी।

 

इस हमले में गंभीर रूप से घायल बालेश्वर पटेल को आनन-फानन में रांची रोड स्थित होप अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है। पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए छह लोगों को हिरासत में लिया है और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। वहीं गांव में पुलिस बल की तैनाती की गयी है।

 

 

मिली जानकारी के अनुसार, बालेश्वर पटेल डाड़ी प्रखंड की रबोध पंचायत के पेसराकंडी गांव के निवासी थे और वर्तमान में गिरिडीह में रजिस्ट्रार के पद पर कार्यरत थे। करीब एक माह पहले उन्होंने हुआग पंचायत के सियारीटाड़ में 11 डिसमिल जमीन खरीदी थी। इसी जमीन को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। बताया जा रहा है कि विवाद को सुलझाने के लिए पंचायत भी हुई थी, लेकिन मामला शांत नहीं हो सका।

 

घटना को लेकर परिजनों के अनुसार, 29 जून को खरीदी गई जमीन पर बोरिंग कराकर समरसेबल पंप लगाया गया था। मंगलवार सुबह करीब आठ बजे बालेश्वर पटेल पंप का निरीक्षण करने अपनी जमीन पर पहुंचे थे। इसी दौरान पहले से घात लगाए बैठे लोगों ने उन पर हमला कर दिया।

आरोप है कि ज्ञानी साव उर्फ रामू साव, विष्णु कुमार, संतोष साव, पूजा देवी, विनय कुमार, शंकुतला देवी, रूबी देवी और डॉली कुमारी ने मिलकर ईंट, पत्थर और लाठी से बालेश्वर पटेल पर हमला किया। हमले में वह गंभीर रूप से घायल होकर खून से लथपथ जमीन पर गिर पड़े। स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन डॉक्टर उन्हें बचा नहीं सके।

 

घटना के बाद मृतक की पत्नी रीता कुमारी ने मांडू थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने आरोप लगाया है कि इस हमले की साजिश में गांव के हेमंत पांडेय और दिनेश्वर साव की भी भूमिका है। पुलिस शिकायत के आधार पर सभी आरोपों की जांच कर रही है। मामले की सूचना मिलने के बाद डीएसपी ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और पुलिस अधिकारियों को निष्पक्ष एवं त्वरित जांच के निर्देश दिए।

 

वहीं, मांडू विधायक निर्मल महतो भी अस्पताल पहुंचे और शोक संतप्त परिवार से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया।मांडू थाना पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए रामगढ़ भेज दिया है। पुलिस ने प्रारंभिक कार्रवाई के तहत ज्ञानी साव उर्फ रामू साव, विनय कुमार सहित छह लोगों को हिरासत में लिया है और उनसे पूछताछ की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी और घटना में शामिल किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा।

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