JSSC-CGL पर बड़ा फैसला! परीक्षा और रिजल्ट रद्द, TDPL की भर्तियां भी खत्म… छात्रों की बड़ी जीत…आंदोलन स्थल पर जश्न और भावुक हुए अभ्यर्थी…
JSSC CGL Cancelled: साढ़े चार घंटे की मैराथन बैठक के बाद हेमंत सोरेन सरकार का ऐलान

Ranchi News: झारखंड में लंबे समय से चल रहे छात्र आंदोलन के बीच सोमवार को बड़ा फैसला सामने आया। झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की संयुक्त स्नातक स्तरीय (CGL) परीक्षा और उसके परिणाम को रद्द करने की घोषणा कर दी गई है। इसके साथ ही TDPL के जरिए आयोजित सभी परीक्षाओं और उनसे जुड़ी भर्तियों को भी रद्द करने का फैसला लिया गया है।
सरकार के इस ऐलान के बाद रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों के बीच खुशी की लहर दौड़ गई। कई छात्र भावुक हो गए और खुशी के आंसू छलक पड़े।
फैसला आते ही आंदोलन स्थल पर जश्न
JSSC-CGL को रद्द करने की मांग को लेकर छात्र पिछले कई दिनों से आंदोलन कर रहे थे। जैसे ही सरकार के फैसले की जानकारी प्रदर्शनकारी छात्रों तक पहुंची, आंदोलन स्थल का माहौल पूरी तरह बदल गया।
अभ्यर्थियों ने एक-दूसरे को गले लगाकर बधाई दी और इसे अपने लंबे संघर्ष की बड़ी जीत बताया। छात्रों का कहना है कि परीक्षा रद्द होने के बाद अब उम्मीद है कि भविष्य में पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से नई परीक्षा प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
साढ़े चार घंटे चली मैराथन बैठक
यह बड़ा फैसला मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में हुई एक लंबी बैठक के बाद सामने आया। सोमवार को प्रोजेक्ट भवन में मुख्यमंत्री और मंत्रियों के बीच करीब साढ़े चार घंटे तक मैराथन बैठक चली।
बैठक शाम करीब 4:30 बजे शुरू हुई और रात करीब 9 बजे समाप्त हुई। इसमें छात्रों की मांगों के साथ-साथ प्रतियोगी परीक्षाओं और नियुक्ति प्रक्रियाओं से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की ओर से JSSC-CGL परीक्षा और उसके परिणाम को रद्द करने की घोषणा की गई।
TDPL की सभी परीक्षाएं भी रद्द
JSSC-CGL के साथ सरकार ने TDPL द्वारा आयोजित सभी परीक्षाओं को भी रद्द करने का निर्णय लिया है। इससे उन अभ्यर्थियों को भी राहत मिलने की उम्मीद है, जो TDPL के जरिए होने वाली परीक्षाओं और नियुक्तियों को लेकर सवाल उठा रहे थे।
सरकार के इस फैसले को आंदोलन कर रहे छात्रों की प्रमुख मांगों की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
छात्रों के हित में कड़ा कानून लागू करेगी सरकार
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि सरकार ने छात्र हित में एक कड़ा कानून बनाया है और उसे पूरी तरह लागू करने की क्षमता भी सरकार के पास है।
परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर लंबे समय से सवाल उठाते आ रहे अभ्यर्थियों के लिए सरकार का यह फैसला महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
अब आगे क्या होगा?
परीक्षा और परिणाम रद्द होने के बाद अब सबसे बड़ा सवाल नई परीक्षा को लेकर है। छात्रों की उम्मीद है कि अगली प्रक्रिया में पारदर्शिता बरती जाएगी और किसी भी तरह की अनियमितता की गुंजाइश नहीं होगी।
फिलहाल सरकार के ऐलान के बाद जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों के चेहरों पर राहत और खुशी साफ नजर आई। लंबे संघर्ष के बाद अपनी मांगों पर सरकार की मुहर को छात्र अपनी बड़ी जीत के तौर पर देख रहे हैं।












