Koderma News: शिक्षक के निलंबन पर भड़कीं छात्राएं, सड़क पर उतरकर किया हंगामा, बाहर जा रहे शिक्षक को खींचकर फिर स्कूल ले गईं
झुमरीतिलैया के सीडी मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालय में प्रभारी प्रधानाध्यापक शशि भूषण सिंह के निलंबन के विरोध में छात्राओं ने किया प्रदर्शन, विभाग से फैसला वापस लेने की मांग।

कोडरमा। झारखंड के कोडरमा जिले में एक शिक्षक के निलंबन को लेकर बुधवार को स्कूल में जमकर हंगामा हुआ। झुमरीतिलैया स्थित सीडी मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालय की छात्राएं अपने प्रभारी प्रधानाध्यापक शशि भूषण सिंह के समर्थन में सड़क पर उतर आईं। छात्राओं ने विभागीय कार्रवाई का विरोध करते हुए निलंबन वापस लेने की मांग की। मामला उस समय और ज्यादा गरमा गया, जब निलंबन का आदेश मिलने के बाद स्कूल से बाहर निकल रहे शिक्षक को छात्राओं ने रोक लिया और उन्हें वापस विद्यालय के अंदर ले गईं। इस घटना के बाद स्कूल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
निलंबन की खबर मिलते ही विरोध में उतरीं छात्राएं
जानकारी के अनुसार, प्रभारी प्रधानाध्यापक शशि भूषण सिंह के निलंबन का आदेश मिलने के बाद जब वे विद्यालय से बाहर जा रहे थे, तभी छात्राओं ने उन्हें रोक लिया। छात्राएं उनके समर्थन में एकजुट हो गईं और विभाग के फैसले के खिलाफ विरोध जताने लगीं। इस दौरान छात्राओं ने शिक्षक को वापस स्कूल के अंदर ले जाने की कोशिश की और उन्हें विद्यालय परिसर में वापस ले गईं।
अचानक हुए इस घटनाक्रम से स्कूल में मौजूद लोगों के बीच हलचल मच गई। छात्राओं का विरोध देखकर विद्यालय परिसर में काफी देर तक हंगामे जैसी स्थिति बनी रही।
छात्राओं ने कहा- शिक्षक के आने से पढ़ाई में हुआ सुधार
प्रदर्शन कर रही छात्राओं का कहना है कि शशि भूषण सिंह के विद्यालय में प्रभारी प्रधानाध्यापक के रूप में पदस्थापित होने के बाद पढ़ाई-लिखाई की व्यवस्था में काफी सुधार हुआ है। उनके अनुसार, स्कूल का शैक्षणिक माहौल पहले से बेहतर हुआ और विद्यार्थियों के परीक्षा परिणाम में भी सुधार देखने को मिला है।
छात्राओं का मानना है कि जब शिक्षक के प्रयासों से विद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था बेहतर हुई है, तो उन्हें निलंबित करना उचित नहीं है। इसी वजह से वे विभागीय कार्रवाई का विरोध कर रही हैं।
निलंबन वापस लेने की मांग पर अड़ीं छात्राएं
छात्राओं ने साफ कहा कि वे अपने शिक्षक का निलंबन वापस लेने की मांग पर अडिग हैं। उनका कहना है कि जब तक विभाग अपना फैसला वापस नहीं लेता, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा। इस पूरे घटनाक्रम ने विद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था और विभागीय कार्रवाई को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
फिलहाल छात्राओं के विरोध के बीच सबकी नजर इस बात पर है कि शिक्षा विभाग इस मामले में आगे क्या कदम उठाता है और निलंबन के फैसले पर पुनर्विचार किया जाता है या नहीं।












