पेपर लीक माफियाओं पर मोदी सरकार का सबसे बड़ा वार! 10 साल की जेल, ₹10 करोड़ जुर्माना और 3 महीने में फैसला

कैबिनेट ने पेपर लीक संशोधन विधेयक को दी मंजूरी, फास्ट-ट्रैक कोर्ट में होगी त्वरित सुनवाई; संसद में अगले सप्ताह पेश होने की तैयारी

नई दिल्ली। प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक और संगठित नकल माफियाओं पर शिकंजा कसने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में ‘पेपर लीक संशोधन विधेयक’ को मंजूरी दे दी गई। प्रस्तावित कानून के तहत दोषियों के खिलाफ पहले से कहीं अधिक सख्त कार्रवाई का प्रावधान किया गया है।

सरकारी सूत्रों के अनुसार, इस विधेयक को अगले सप्ताह संसद के मानसून सत्र में पेश कर पारित कराने की तैयारी की जा रही है।

ये खबर भी पढ़ें…
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

3 महीने में होगा फैसला

प्रस्तावित संशोधन के तहत पेपर लीक से जुड़े मामलों की सुनवाई के लिए विशेष फास्ट-ट्रैक कोर्ट को कानूनी मजबूती दी जाएगी। इन अदालतों को तीन महीने के भीतर सुनवाई पूरी कर फैसला सुनाना अनिवार्य होगा, ताकि लंबे समय तक मामलों के लंबित रहने की समस्या खत्म हो सके।

10 साल की जेल और ₹10 करोड़ तक जुर्माना

नए विधेयक में पेपर लीक और परीक्षा में धांधली करने वाले दोषियों के लिए 10 वर्ष तक की कठोर कैद और 10 करोड़ रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान किया गया है। सरकार का उद्देश्य संगठित परीक्षा माफियाओं के नेटवर्क पर प्रभावी कार्रवाई करना है।

ये खबर भी पढ़ें…
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

इस कानून के क्रियान्वयन के लिए कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) को नोडल मंत्रालय बनाया गया है। विभाग अपराध की गंभीरता के अनुसार सजा के विभिन्न स्तर निर्धारित करेगा।

पहले क्या था कानून?

वर्तमान में देश में ‘सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024’ लागू है। इसके तहत—

ये खबर भी पढ़ें…
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

  • व्यक्तिगत स्तर पर धांधली करने पर 3 से 5 साल की जेल और 10 लाख रुपये तक जुर्माना।
  • सर्विस प्रोवाइडर की संलिप्तता पर 1 करोड़ रुपये तक जुर्माना।
  • संगठित गिरोहों के लिए 5 से 10 साल की जेल और 1 करोड़ रुपये तक जुर्माना का प्रावधान है।

सरकार का कहना है कि नए संशोधन के बाद इन प्रावधानों को और अधिक प्रभावी एवं कठोर बनाया जाएगा।

पीएम मोदी ने दिया था सख्त संदेश

इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने NEET परीक्षा में कथित गड़बड़ियों के बाद जारी अपने वीडियो संदेश में कहा था कि प्रश्नपत्र लीक जैसी घटनाएं लाखों छात्रों और उनके परिवारों के भविष्य से जुड़ी होती हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया था कि सरकार युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ तेज, कठोर और प्रभावी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करेगी। सरकार के इस फैसले को प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता और पेपर लीक माफियाओं पर सख्त कार्रवाई की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

close