NEET Re-Exam Scam: लखीसराय सॉल्वर गैंग में झारखंड कनेक्शन, JAC टॉपर व मेडिकल छात्रा सहित दो छात्राएं दूसरे की जगह परीक्षा देते पकड़ी गईं

NEET Re-Exam Scam: Jharkhand connection in Lakhisarai solver gang; two female students—including a JAC topper and a medical student—caught taking the exam on behalf of others.

रांची/लखीसराय। NEET UG 2026 री-एग्जाम फर्जीवाड़ा मामले में जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे चौंकाने वाले खुलासे सामने आ रहे हैं। इस हाई-प्रोफाइल सॉल्वर गैंग मामले में अब झारखंड कनेक्शन भी उजागर हुआ है। बिहार के लखीसराय में आयोजित नीट परीक्षा के दौरान सॉल्वर गैंग का खुलासा हुआ था।

लखीसराय पुलिस की जांच में झारखंड की दो छात्राओं के नाम सामने आए हैं, जो कथित तौर पर दूसरे अभ्यर्थियों की जगह परीक्षा देते हुए पकड़ी गईं।सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इनमें एक छात्रा झारखंड बोर्ड (JAC) इंटर साइंस परीक्षा की पूर्व टॉपर रह चुकी है, जबकि दूसरी छात्रा वर्तमान में आयुर्वेदिक मेडिकल की पढ़ाई कर रही है।

 

JAC टॉपर का नाम आने से मचा हड़कंप

लखीसराय पुलिस द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार गिरिडीह जिले के बिरनी थाना क्षेत्र की रहने वाली पूनम कुमारी इस मामले में गिरफ्तार की गई है। पुलिस का दावा है कि पूनम कुमारी NEET री-एग्जाम में मधुप्रिया नामक अभ्यर्थी की जगह परीक्षा देने पहुंची थी।

पूनम कुमारी वर्ष 2021 में झारखंड एकेडमिक काउंसिल (JAC) की इंटर साइंस परीक्षा की टॉपर रह चुकी हैं। उन्होंने रांची के एक इंटर कॉलेज से अपनी स्कूली शिक्षा पूरी की थी और वर्तमान में BHU से B.Sc Nursing की पढ़ाई कर रही हैं।एक मेधावी छात्रा और पूर्व राज्य टॉपर का नाम सॉल्वर गैंग में सामने आने के बाद शिक्षा जगत में भी चर्चा तेज हो गई है।

 

पलामू की BAMS छात्रा भी गिरफ्तार

पुलिस जांच में दूसरी छात्रा की पहचान चंचल कुमारी के रूप में हुई है। चंचल पलामू जिले के हरिहरगंज थाना क्षेत्र की रहने वाली है और वर्तमान में ओडिशा के एक सरकारी आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज से BAMS की पढ़ाई कर रही है।पुलिस के अनुसार चंचल कुमारी नंदनी राज नामक अभ्यर्थी की जगह परीक्षा देने पहुंची थी। जांच के दौरान उसकी भूमिका सामने आने पर उसे भी गिरफ्तार किया गया।

 

परिवारों ने जताई हैरानी

दोनों छात्राओं के नाम सामने आने के बाद उनके परिवारों ने गहरी हैरानी जताई है। परिजनों का कहना है कि उन्हें इस पूरे मामले की कोई जानकारी नहीं थी।परिवार के सदस्यों ने कहा कि मीडिया और पुलिस कार्रवाई के माध्यम से ही उन्हें गिरफ्तारी की सूचना मिली। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

 

मेडिकल और नर्सिंग छात्रों का इस्तेमाल कर रहा था सॉल्वर गैंग

लखीसराय पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि सॉल्वर गैंग मेडिकल, नर्सिंग और अन्य प्रोफेशनल कोर्स की पढ़ाई कर रहे मेधावी छात्रों को नेटवर्क में शामिल कर रहा था। इन छात्रों को मोटी रकम का लालच देकर दूसरे अभ्यर्थियों की जगह परीक्षा दिलाई जा रही थी।पुलिस ने कुल 9 फर्जी परीक्षार्थियों (सॉल्वर्स) की पहचान की है, जो अलग-अलग अभ्यर्थियों के स्थान पर परीक्षा देने पहुंचे थे।

बायोमेट्रिक ऑपरेटर निकला मास्टरमाइंड

इस पूरे मामले का मास्टरमाइंड पीएमसीएच का एमबीबीएस छात्र मयंक कश्यप बताया जा रहा है, जो फर्जी तरीके से बायोमेट्रिक कंपनी का कर्मचारी बनकर परीक्षा केंद्र के भीतर पहुंचा था। जांच एजेंसियों के अनुसार उसी ने सुरक्षा व्यवस्था में सेंध लगाकर डमी अभ्यर्थियों को परीक्षा हॉल तक पहुंचाने का काम किया।

 

झारखंड में भी बढ़ सकती है जांच की आंच

पूनम कुमारी और चंचल कुमारी के नाम सामने आने के बाद अब जांच एजेंसियों की नजर झारखंड पर भी टिक गई है। संभावना जताई जा रही है कि इस नेटवर्क के तार राज्य के अन्य जिलों और कोचिंग संस्थानों तक भी जुड़े हो सकते हैं। आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे हो सकते हैं।

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