झारखंड के सरकारी अस्पतालों में अब बच्चों के इलाज की नहीं होगी टेंशन…हर जिले में खुलेंगे स्पेशल बेबी वार्ड और हाईटेक ICU…जानें आपके लिए क्या है खास खुशखबरी

No more worries regarding children's treatment in Jharkhand's government hospitals... Special baby wards and high-tech ICUs will be opened in every district... Find out what special good news awaits you.

झारखंड :  देवघर से राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर बड़ा फैसला सामने आया है। स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने घोषणा की है कि अब सभी जिला सदर अस्पतालों में बच्चों के लिए अलग बेबी वार्ड बनाए जाएंगे। इसका उद्देश्य यह है कि छोटे मरीजों को बेहतर और विशेष इलाज उनके ही जिले में मिल सके।

गंभीर मरीजों के लिए ICU और BICU सुविधाओं का विस्तार
सरकार ने यह भी तय किया है कि गंभीर मरीजों के इलाज के लिए हर जिले में ICU और BICU सुविधाओं को मजबूत किया जाएगा। जहां जरूरत होगी, वहां इन यूनिट्स की संख्या भी बढ़ाई जाएगी। इस कदम का मकसद स्वास्थ्य सेवाओं को ज्यादा प्रभावी और त्वरित बनाना है, ताकि मरीजों को बड़े शहरों पर निर्भर न रहना पड़े।

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देवघर में मेडिकल कॉलेज की राह हुई साफ
देवघर के लिए सबसे बड़ी घोषणा यह रही कि यहां जल्द ही मेडिकल कॉलेज की स्थापना की जाएगी। स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि इस योजना में आ रही सभी अड़चनों को दूर कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि इसके लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से कई बार बातचीत की गई और लगातार प्रयासों के बाद अब रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है।

शिशु रोग विशेषज्ञों को मिला अहम संदेश
इंडियन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स द्वारा आयोजित पेडिकान सीएमई कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने राज्यभर से आए शिशु रोग विशेषज्ञों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि बच्चों का इलाज सबसे संवेदनशील जिम्मेदारी होती है क्योंकि जन्म के बाद किसी भी स्वास्थ्य समस्या में परिवार सबसे पहले डॉक्टरों की ओर उम्मीद से देखता है।

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उन्होंने यह भी कहा कि डॉक्टर केवल इलाज नहीं करते बल्कि कई बार बच्चों की जान बचाकर परिवारों को नई उम्मीद भी देते हैं।

स्वास्थ्य व्यवस्था की कमियों को माना गया
कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने यह स्वीकार किया कि झारखंड में स्वास्थ्य सेवाओं का उतना विकास नहीं हो सका जितना होना चाहिए था। राज्य गठन के बाद इस क्षेत्र पर और अधिक ध्यान देने की जरूरत थी, जिसे अब सरकार प्राथमिकता के साथ पूरा करने की कोशिश कर रही है।

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बच्चों के स्वास्थ्य पर विशेषज्ञों की अहम चर्चा
इस कार्यक्रम में सिर्फ घोषणाएं ही नहीं हुईं बल्कि बच्चों के स्वास्थ्य से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर भी गहन चर्चा हुई। विशेषज्ञों ने नवजात शिशु देखभाल, टीकाकरण, समय से पहले जन्मे बच्चों की सुरक्षा, सेप्सिस, एआरडीएस, बच्चों में मोटापा, मूवमेंट डिसऑर्डर और बाल चिकित्सा में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की भूमिका जैसे विषयों पर अपने अनुभव साझा किए।

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