स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी की दरियादिली से विपक्षी पार्टी बीजेपी भी हो गई कायल…राजनीति से ऊपर उठ पेश की misal

Even the opposition party BJP was impressed by the generosity of Health Minister Dr. Irfan Ansari...an example of rising above politics.

धनबाद। झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी फिर से चर्चा में है। इस बार चर्चा किसी राजनीतिक कारणों से नहीं बल्कि राजनीति से ऊपर उठकर विपक्षी पार्टी बीजेपी नेता के बेटे के इलाज को लेकर है जिसकी चर्चा हर ओर हो रही है।

जामताड़ा विधानसभा क्षेत्र के विधायक और झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने अपनी दरियादिली और जनसेवा से लोगों का दिल जीत लिया।

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मालूम हो कि चुनाव प्रचार के दौरान मुख्य विपक्षी पार्टी बीजेपी ने कई तरह के आरोप डॉ इरफान अंसारी पर लगाए थे।उसके बावजूद आज भाजपा नेता की जान बचाने के लिए आगे स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी आगे आए जिसकी चारों तरफ चर्चा हो रही है।

बीजेपी ने लगाया था ये आरोप

भाजपा ने डॉ. इरफान अंसारी के खिलाफ कई षड्यंत्र रचे, उन्हें बदनाम करने की कोशिशें कीं, और यहां तक कि उन्हें बांग्लादेशी घुसपैठिया तक कहा। इसके बावजूद, डॉ. अंसारी ने मजबूती से हर चुनौती का सामना किया और लगातार तीसरी बार जामताड़ा विधानसभा क्षेत्र की जनता का दिल जीतकर अपनी लोकप्रियता को साबित किया।

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क्या है मामला

इंसानियत की मिसाल पेश करते हुए, आज उन्होंने एक ऐसा कदम उठाया जिसने सभी को उनका कायल बना दिया। जामताड़ा जिले के पूर्व भाजपा जिला अध्यक्ष सोमनाथ सिंह के बेटे शुभम सिंह का सड़क दुर्घटना में गंभीर चोट लगने के बाद स्थिति नाजुक हो गई। शुभम को ब्रेन सर्जरी की जरूरत थी। उन्हें धनबाद के निजी अस्पताल अशर्फी में भर्ती कराया गया था।

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स्वास्थ्य मंत्री डॉ. अंसारी को घटना की जानकारी मिलने पर वे धनबाद के असर्फी अस्पताल पहुंचे। उन्होंने शुभम सिंह के परिजनों को आश्वस्त किया, “आप बिल्कुल चिंता न करें। मैं यहां हूं, आपकी मदद के लिए। आपके बेटे के इलाज में एक पैसा भी खर्च नहीं होगा। उसकी जान बचाने के लिए जो भी संभव होगा, वह किया जाएगा।”

डॉ. अंसारी ने अस्पताल की पूरी मेडिकल टीम  और स्वास्थ्य विभाग के सिविल सर्जन को निर्देश दिया कि शुभम का इलाज करने में कोताही न बरती जाए। किसी भी स्थिति में बच्चे की जान बचाने की पूरी कोशिश करने का आदेश दिया।

इस घटना से आलोचकों के बीच भी काफी चर्चा हो  रही है । डॉ. अंसारी अपने पद की गरिमा को समझते हुए बिना किसी भेदभाव के हर किसी की मदद के लिए तत्पर रहते हैं।

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