पलामू : ईरान के ‘सुप्रीम’ फैसले पर भारत में उबाल…खामेनेई की मौत के बाद हुसैनाबाद की सड़कों पर उतरा जनसैलाब, अमेरिका-इजरायल के खिलाफ भारी आक्रोश

India erupts in anger over Iran's 'supreme' decision: Masses pour into the streets of Husseinabad after Khamenei's death, with widespread outrage against the US and Israel.

पलामू : जब सैकड़ों लोग ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की इज़राइली और यूएस स्ट्राइक में मौत के विरोध में सड़कों पर उतरे। यह कैंडल मार्च सदर इमामबाड़ा हुसैनाबाद से शुरू हुआ और जेपी चौक पर जाकर संपन्न हुआ।

मार्च का नेतृत्व हुसैनाबाद के मुतवल्ली तकी हुसैन रिजवी, मौलाना सैयद शाज़िर रिजवी, सैयद शमीम हैदर, मुस्वी राजा, शेर अली, नगर पंचायत अध्यक्ष अजय कुमार भारती, इकबाल, नेहाल मिर्जा और राज अली समेत कई प्रमुख लोगों ने किया। बड़ी संख्या में लोग सदर इमामबाड़ा में एकत्र हुए। सभी ने हाथों में कैंडल लेकर खामेनेई की हत्या पर गहरा शोक व्यक्त किया।

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हुसैनाबाद कैंडल मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों ने खामेनेई की तस्वीरें भी थाम रखी थीं। इस दौरान यूएस और इज़राइल के खिलाफ नारे लगाए गए। शिया धर्मगुरु मौलाना कल्बे जवाद द्वारा तीन दिन के शोक की घोषणा का भी उल्लेख किया गया।

मुतवल्ली तकी हुसैन रिजवी ने मुस्लिम समुदाय और मानवतावादियों से अपील की कि वे विरोध में अपनी आवाज बुलंद करें। जुलूस में “तुम एक खमेनेई मारोगे, हर घर से खमेनेई निकलेगा” जैसे नारे भी लगाए गए। शब्बीर हुसैन, मोहम्मद हुसैन, जज्जू खान, शमीम कुरैशी और मिथुन सहित सैकड़ों लोग इस विरोध मार्च में शामिल हुए।

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