आज से पंचक: जानिये आज कितने बजे से लग रहा है पंचक, देखिये समय और संयोग, अगले पांच दिन भूलकर भी ना करें ये 5 काम

Panchak 29 May to 3 June: माह के आखिर में 29 मई से लेकर 3 जून तक पंचक लगने वाला है। भारतीय ज्योतिष शास्त्र में पंचक की अवधि अशुभ मानी जाती है। इस दौरान कोई भी शुभ कार्य नहीं किए जाते हैं। विशेषकर मांगलिक कार्य जैसे मुंडन, गृह प्रवेश या विवाह जैसे कार्य नहीं किए जाते हैं। जून माह में कब-कब पंचक रहेगा। हर शुभ से पहले शुभ मुहूर्त और पंचक जरुर देखा जाता है. पंचक के 5 दिन अशुभ काल रहता है, इस दौरान कोई भी मांगलिक कार्य नहीं करते, क्योंकि इसके परिणाम शुभ नहीं होते हैं।
पहला पंचक 29 मई,2024, बुधवार को रात 08.06 बजे शुरू होगा, जो 3 जून, 2024, सोमवार को मध्य रात्रि 01.41 बजे तक रहेगा। वहीं जून माह में दूसरा पंचक 26 जून 2024 सोमवार को मध्य रात्रि 01.50 बजे लगेगा, जो 30 जून, 2024, रविवार को सुबह 07.34 बजे तक रहेगा।वैसे तो हर महीने में एक बार पंचक जरुर आते हैं लेकिन इस बार मई में दो बार पंचक का संयोग बना है. मई के शुरुआत में पंचक लगे थे अब दूसरी बार मई के आखिरी सप्ताह में पंचक रहेगा. पंचक में विवाह, मुंडन, गृह प्रवेश, नए बिजनेस की शुरुआत, दक्षिण दिशा में यात्रा, पलंग या चारपाई बनवाना, लकड़ी इक्ट्ठा करना मना है.
29 मई 2024 को रात 08.06 बजे पंचक शुरू हो जाएंगे और इसका समापन 3 जून 2024, सोमवार को प्रात: 01.40 मिनट पर होगा. ऐसे में कोई भी शुभ काम करने की सोच रहे हैं तो पंचक की शुरुआत से पहले निपटा. ‘अग्नि-चौरभयं रोगो राजपीडा धनक्षतिः। संग्रहे तृण-काष्ठानां कृते वस्वादि-पंचके।। – मुहूर्त चिंतामणि में दिए इस श्लोक का अर्थ है – पंचक में तिनकों और काष्ठों के संग्रह से अग्निभय, चोरभय, रोगभय, राजभय और धनहानि होती है.
पंचक में न करें ये काम
- पंचक की अवधि में दक्षिण दिशा में यात्रा करने से बचना चाहिए।
- पंचक के दौरान लकड़ी इकट्ठा करने जैसे काम भी नहीं करना चाहिए।
- पंचक में यदि किसी इंसान की मौत हो जाए तो दाह संस्कार के वक्त आटे, बेसन और कुश (घास) से 5 पुतले बनाकर मृतक के साथ अंतिम संस्कार करें।
- पंचक के दौरान पलंग या चारपाई का निर्माण भी नहीं करवाना चाहिए।
- पंचक अवधि में विवाह, मुंडन और नामकरण संस्कार आदि वर्जित होते हैं।











