लीची तोड़ने की सजा मौत: लीची तोड़ने पर बच्चे को दी खौफनाक सजा, कमरे में बंद कर हैवानियत की सारी हदें की पार.. एक की मौत, दुसरे की हालत नाजुक

बिहार : अगर आपसे कोई कहे कि दो लीची तोड़ने के गुनाह की सजा मौत हो तो शायद आपको यकीन न हो। लेकिन बिहार के सीतामढ़ी में ऐसा हुआ है। खाने के लिए चंद लीची तोड़ने के जुर्म में 12 साल के एक बच्चे की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। उसके साथ उसका एक दोस्त था जिसे पीट कर अधमरा कर दिया गया। नाजुक हालत में उसे मुजफ्फरपुर एसकेएमसीएच में भर्ती कराया गया है जहां उसका इलाज चल रहा है। घटना सीतामढ़ी जिला के बथनाहा थाना क्षेत्र के दिघी गांव की है।

क्या है मामला

जानकारी के मुताबिक ग्रामीण मौलवी बैठा के लीची का बगीचा है। दीपक कुमार और उसके एक दोस्त गुड्डू कुमार ने बगीचा में घुसकर बच्चे ली। लीची तोड़कर वही खा रहे थे कि बागान मालिक ने दोनों को पकड़ लिया।

ये खबर भी पढ़ें…
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

पकड़ने के बाद दोनों बच्चों को बड़े अपराधियों की तरह तालिबानी सजा दी गई। दोनों बच्चों का हाथ पैर बांध दिया गया और उसके बाद जमकर उसकी पिटाई हुई। आरोपी बच्चों को सबक सिखा रहे थे कि फिर से लीची ना तोड़े। इतने से भी जब उनका मन नहीं भरा तो पानी में डूबा डूबा कर पीटा।

इस घटना में 12 साल के दीपक कुमार की वहीं मौत हो गई। दीपक की पहचान ग्रामीण योगेंद्र राम के बेटे के रूप में हुई है। दूसरा लड़का गुड्डू पिटाई और पानी में डूबा जाने के बाद बेहोश हो गया। आनन-फानन में उसे सीतामढ़ी सदर अस्पताल ले जाया गया। लेकिन, नाजुक स्थिति को देखते हुए एसकेएमसीएच रेफर कर दिया गया है।

ये खबर भी पढ़ें…
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

Related Articles

close